सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने लोकपाल नियुक्ति को लेकर सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर 30 जनवरी 2019 तक लोकपाल नियुक्त नहीं होता है तो वह अपने गांव में ही भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे.
अन्ना हजारे ने एनडीए सरकार पर केंद्र में लोकपाल और राज्यों में लोकायुक्त की नियुक्ति को लेकर बहानेबाजी का आरोप लगाते हुए PMO में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह को पत्र लिखा है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार पहले कहती रही कि लोकसभा में विपक्ष का नेता नहीं है, इसके बाद कहा कि चयन समिति में कोई प्रतिष्ठित कानूनविद नहीं है. सरकार केवल बहाने बना रही है.
हजारे ने कहा कि वह इसी साल 23 मार्च को दिल्ली में रामलीला मैदान में हड़ताल पर बैठे थे, लेकिन जब PMO की तरफ से उन्हें लिखित में भरोसा दिया गया कि उनकी मांगे पूरी कर दी जाएंगी तो उन्होंने हड़ताल खत्म कर दी. इसके बाद उन्होंने 2 अक्टूबर की डेडलाइन दी थी. रालेगांव सिद्धि में 2 अक्टूबर से हड़ताल शुरू होने वाली थी, लेकिन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों ने दोबारा भरोसा दिलाया कि लोकपाल और लोकायुक्त की नियुक्ति की प्रक्रिया आखिरी दौर में है. इसलिए मैंने उन्हें एक और मौका देने का फैसला किया.



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