प्रधान डाकघर नवादा में ढाई करोड़ रुपये के घोटाले का पर्दाफाश हुआ है. डाक उपाधीक्षक नवीन कुमार ने इस संदर्भ में कैशियर अम्बिका चौधरी एवं प्रधान डाकपाल कपिल देव यादव के खिलाफ नवादा नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है.
यह घोटाला तब सामने आया जब करीब चार वर्षों तक कैशियर के पद पर जमे अम्बिका चौधरी तबादला होने के बाद भी प्रभार नहीं दे रहे थे. प्रभार सौपने का दवाब बढ़ने पर वो आफिस से ही गायब हो गए. इस बीच कर्मियों के बीच यह बात होने लगी कि कैश में हेराफेरी हुई है. फरवरी 2019 में डाक अधीक्षक ने डाक उपाधीक्षक नवीन कुमार, डाक निरीक्षक सुरेश कुमार सहित तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर मामले की जाँच करायी तो सरकारी पैसे के गबन की पुष्टि हुई.
जांच के दौरान भी रुपये जमा कराने का आरोपितों को लगातार मौका दिया गया लेकिन वो फरार ही रहे. अब नवादा नगर थाना व बुंदेलखंड थाना की पुलिस खजांची को खोज रही है, पर वो पुलिस के हाथ अभी नहीं आया है. अम्बिका चौधरी अपने परिवार सहित फरार है, उसके घर को पुलिस ने सील कर दिया है.
इस संदर्भ में बताया जाता है कि स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में प्रधान डाकघर का खाता संचालित होता है. बैंक से जो रुपये डाकघर को उपलब्ध कराए जाते थे, उसे सही तरीके से क्रेडिट नहीं किया जाता था. सर्वप्रथम जनवरी महीने में यह मामला सामने आया और बाद में हुए जाँच क्रम में करीब ढाई करोड़ रुपये की हेराफेरी सामने आयी. प्रधान डाकपाल और खजांची निलंबित कर दिए गये हैं.


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