172 करोड़ की पुरानी करेंसी के साथ 25 गिरफ्तार

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मेरठ, कानपुर के बाद बुधवार को अलीगढ़ के बन्नादेवी इलाके में पुलिस ने एक होटल में छापा मारकर 50 लाख की पुरानी करेंसी के साथ पांच लोगों को गिरफ्तार किया. एनआईए को प्रदेशभर में मनीचेंजर गैंग के सक्रिय होने के मिल रहे इनपुट पर जांच एजेंसियां सक्रिय हैं. पिछले 20 दिनों के दौरान उत्तर प्रदेश में पुरानी करेंसी का यह तीसरा बड़ा मामला पकड़ा गया है.तीनों मामलों में अबतक 172 करोड़ की पुरानी करेंसी के साथ 25 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
अलीगढ़ के सिटी एसपी अतुल श्रीवास्तव के अनुसार बुधवार 17 जनवरी को दोपहर लगभग डेढ़ बजे जीटी रोड पर बीमा नगर के सामने नीलकंठ होटल में छापा मारा गया, जिसे एलमपुर सारसौल निवासी भुवनेश लीज पर चला रहा था. होटल से 500 रुपये की 84 गड्डी व 1000 रुपये की आठ गड्डियों में कुल 50 लाख की पुरानी करेंसी बरामद की गयी. साथ ही भुवनेश तथा नितिन सक्सेना निवासी एमआइजी- 45 विकास नगर सासनीगेट, नितिन अग्रवाल निवासी महावीरगंज, गजेंद्र रसूलपुर खैर, प्रदीप कुमार निवासी मुहल्ला धोबियान थाना चंदौसी (संभल) गिरफ्तार किए गये. को 50 लाख की पुरानी करेंसी के साथ गिरफ्तार किया गया. धारा 420, 511, 5/7 स्पेसीफाइड बैक नोटिस (सी सेशन ऑफ लाइविलेटीस) एक्ट 2017 के तहत मुकदमा दर्ज करने तथा मेडिकल कराने के बाद सभी को जेल भेज दिया गया .
यह करेंसी मसाला के थोक विक्रेता व प्रॉपर्टी डीलर नितिन अग्रवाल की बताई जा रही है. जिसने नोट बदलने के लिए प्रापर्टी डीलर नितिन सक्सेना से संपर्क किया और पांच लाख रुपये में सौदा तय हुआ. नितिन सक्सेना ने भुवनेश से बात की, उसके जरिये रेडीमेड कपड़ों के व्यापारी प्रदीप से संपर्क हुआ. इसमें प्रॉपर्टी डीलर गजेंद्र भी शामिल हुआ. पुलिस अब उस ठिकाने को तलाश रही है, जहां से रकम बदली जानी थी.
पुराने नोट बदलने की प्रक्रिया बहुत पहले बंद हो चुकी है. ऐसे में ये लोग किनके जरिये और कंहा नोट बदलने वाले थे. इनके साथ बैंक अधिकारी भी हो सकते हैं. इस खेल के मास्टरमाइंड की फिलहाल छानबीन चल रही है.
नितिन अग्रवाल का कहना है कि नोटबंदी के बाद से हमारे घर पर 50 लाख की रकम रखी हुयी है, जो तब बदली नहीं जा सकी थी. हमने नोट बदलवाने के लिए नितिन सक्सेना से कहा था. पुलिस को शक है कि पहले भी पुरानी करेंसी बदलवाई गयी होगी.में पकड़े गए
एक दिन पहले मंगलवार को कानपुर में एक बिल्डर के घर से करीब 97 करोड़ की पुरानी करेंसी के साथ 16 लोग गिरफ़्तार हुए थे. इन्होंने बंद हो चुके 500 और 1000 रुपये के नोट का बिस्तर बना रखा था.
एनआईए और स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों ने मंगलवार को अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की थी. एसएसपी अखिलेश मीणा के अनुसार मामले का मुख्य आरोपी कपड़ा और रियल एस्टेट का कारोबारी आनंद खत्री है.
मेरठ के परतापुर थाना क्षेत्र के राजकमल एन्क्लेव से पुलिस ने एक बिल्डर संजीव मित्तल के यहाँ से 29 दिसम्बर को प्लास्टिक के 21 बोरों में भरकर रखे 25 करोड़ रुपये की पुरानी करेंसी बरामद किया था. वहाँ से दिल्ली के पालम राजनगर निवासी नरेश अग्रवाल, बिल्डर संजीव मित्तल के ड्राइवर योगेश, नौकर अरुण गुप्ता और बिल्डर के यहां जमीन का काम देखने वाले विनोद शर्मा (तीनों मेरठ निवासी) को हिरासत में लिया था, जबकि बिल्डर फरार हो गया था.
मेरठ के दिल्ली रोड पर राजकमल एन्क्लेव के ए-5 में बिल्डर संजीव मित्तल परिवार सहित रहता है, जिसका एक ऑफिस राजकमल एन्क्लेव में भीतर और एक बाहर मार्केट में है. पुलिस ने राजकमल एन्क्लेव में भीतर संजीव के ऑफिस में छापेमारी कर पुरानी करेंसी बरामद करने के साथ ही दिल्ली के पालम राजनगर निवासी नरेश अग्रवाल, बिल्डर संजीव मित्तल के ड्राइवर योगेश, नौकर अरुण गुप्ता और बिल्डर के यहां जमीन का काम देखने वाले विनोद शर्मा (तीनों मेरठ निवासी) को हिरासत में लिया था.
पुरानी करंसी रखने पर जेल जाने के साथ बरामद रकम पर पांच गुना आयकर देना होगा, आयकर जमा न करने की स्थिति में इसकी रिकवरी उनकी चल-अचल संपत्ति से की जानी है.

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