प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रम्प की पहली मुलाकातके चंद घंटों पहले US स्टेट डिपार्टमेंट ने हिज्बुल मुजाहिद्दीन के चीफ सैयद सलाहुद्दीन को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित कर दिया। इस फैसले को भारत के लिए एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।
कश्मीर में बुरहान वानी के एनकाउंटर के बाद हुए ज्यादातर आतंकी हमलों, पत्थरबाजी और प्रदर्शनों में हिज्बुल का ही हाथ माना जा रहा है। सलाहुद्दीन NIA की मोस्ट वांटेड लिस्ट में भी है।
सैयद सलाहुद्दीन को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित करने के बाद अमेरिका में सलाहुद्दीन के साथ सभी प्रकार के ट्रांजैक्शंस पर रोक लग जाएगी। अमेरिकी इलाके में उसी प्रॉपर्टी या किसी प्रॉपर्टी में इंट्रेस्ट को भी ब्लॉक कर दिया जाएगा।
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने कहा कि भारत इस नोटिफिकेशन का स्वागत करता है। ये इस बात को बता रहा है कि इंडिया और अमेरिका दोनों ही आतंकवाद का सामना कर रहे हैं। जिस आउटफिट का सैयद सलाहुद्दीन नेतृत्व करता है, वो पाकिस्तान की सीमा और PoK में है। ये कुछ सालों से भारत में, जम्मू-कश्मीर में सीमा पार से आतंकवाद फैला रहा है। नोटिफिकेशन इस बात को बताता है कि भारत और अमेरिका दोनों ही आतंकवाद से मिलकर लड़ रहे हैं, न केवल किसी खास एरिया में, बल्कि ग्लोबली, क्योंकि आतंकवाद कोई सीमाएं नहीं जानता।
सितंबर 2016 में US होम डिपार्टमेंट ने कहा था कि HM का लीडर सलाहुद्दीन (जिसे सैय्यद मो. यूसुफ शाह के नाम से भी जाना जाता है) ने कश्मीर विवाद के किसी भी शांतिपूर्ण हल को रोकने, कश्मीरी सुसाइड बॉम्बर्स को ट्रेंड करने और घाटी को भारतीय सेनाओं की कब्रगाह बनाने की कसम खाई थी। सलाहुद्दीन की लीडरशिप में HM ने कश्मीर में कई हमलों का जिम्मेदारी ली। इनमें अप्रैल 2014 में भारत द्वारा शासित जम्मू-कश्मीर में धमाका भी शामिल है, जिसमें 17 लोग घायल हुए थे।

सलाहुद्दीन ने यूनिवर्सिटी ऑफ कश्मीर से पॉलिटिकल साइंस की पढ़ाई की और इसी दौरान वो जमीयत-ए-इस्लामी के संपर्क में आया और प्रभावित होकर उसे ज्वाइन कर लिया। यूनिवर्सिटी में रहने के दौरान ही सलाहुद्दीन ने पाकिस्तान के सपोर्ट की बात शुरू कर दी और पढ़ाई पूरी करने के बाद वो मदरसे में टीचर बन गया।
सलाहुद्दीन ने 1987 में मुस्लिम यूनाइटेड फ्रंट के टिकट पर श्रीनगर की अमीराकदाल विधानसभा से इलेक्शन भी लड़ा,लेकिन वो हार गया। 1989 में अपनी गिरफ्तारी और रिहाई के दौरान हुए हिंसात्मक प्रदर्शनों के बाद उसने हिज्बुल मुजाहिद्दीन ज्वाइन किया और जल्द ही उसका चीफ बन गया।
सलाहुद्दीन के सबसे छोटे बेटे बेटे मुनीद को इंडियन आर्मी ने हिज्बुल के ही आतंकी हमले के दौरान बचाया था। फरवरी 2016 में पंपोर में हुए आतंकी हमले में 3 टेररिस्ट मारे गए थे और 5 जवान शहीद हुए थे, इस हमले में 100 से ज्यादा लोग बचाए गए थे। आतंकियों ने CRPF की टुकड़ी पर हमला किया और जवाबी कार्रवाई से बचने के लिए एंटरप्रेन्योर डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट की बिल्डिंग में घुस गए,जहाँ 120 लोग थे। आर्मी ने सभी लोगों को सुरक्षित बचा लिया था, इनमें ही मुनीद भी था।
मोदी-ट्रम्प मुलाकात से पहले इसके साथ 3 कामयाबियां भारत को मिल चुकी हैं। अब भारत में ही एफ-16 फाइटर प्‍लेन बनाए जाएंगे। इसके लिए टाटा एडवांस्‍ड सिस्‍टम ने अमेरिकी लॉकहीड मार्टिन के साथ एग्रीमेंट साइन किया। कंपनी ने टेक्‍सास के फोर्ट वर्थ प्‍लांट को शिफ्ट करने की कवायद शुरू कर दी है।
अमेरिका ने भारत को 22 गार्जियन ड्रोन की बिक्री को मंजूरी दे दी है। इस ड्रोन से भारत की 7500 किलोमीटर लंबी कोस्टलाइन पर नजर रखी जाएगी। सोमवार को मोदी- ट्रम्प की मुलाकात के चंद घंटों पहले हिज्बुल मुजाहिद्दीन के चीफ सैयद सलाहुद्दीन को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित किया गया।

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