हाफिज सईद पर कार्रवाई की मांग करने के लिए एक हजार भारतीय मौलवियों ने UN को पत्र भेजा

 87 


भारत के 1000 से ज्यादा मौलवियों और इमामों ने यूनाइटेड नेशंस को एक पत्र भेजकर 26/11 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड जमाद-उद-दावा के चीफ हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की है। उनका कहना है कि सईद भारत के खिलाफ साजिशों में शामिल है। इस संबंध में मदरसा दारुल उलूम अली हसन अहले सुन्नत ने एक प्रस्ताव पास किया है।
मदरसा दारुल उलूम अली हसन अहले सुन्नत के रिजाेल्युशन में जमात-उद-दावा (JuD) समेत कई आतंकी गुटों की निंदा की गई है। मदरसा का कहना है कि पाकिस्तान दोनों तरफ खेल खेल रहा है। एक तरफ तो आतंक पर लगाम लगाने का नाटक करता है और दूसरी तरफ उन्हें भड़काता है। उसका यह भी कहना है कि पाकिस्तान अलकायदा, आईएसआईएस, जमात-उद-दावा, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, सिपह-ए- सहाबा जैसे आतंकी गुटों की पनाहगार है और तालिबान का मददगार है।


इस रिजोल्युशन को यूनाइटेड नेशंस (यूएन) सिक्युरिटी काउंसिल की काउंटर-टेररिज्म कमेटी को भेजा गया है। इस्लामिक डिफेंस साइबर सेल के अब्दुर रहमान अंजरिया ने यह जानकारी देते हुए कहा कि इसकी एक कॉपी नरेंद्र मोदी को भी भेजी गई है। रिजोल्युशन पेश करने वाले अंजरिया ने कहा कि “हाफिज सईद और उसकी अगुआई वाले आतंकी गुट दुनिया की शांति के लिए खतरा हैं। वह भारत को नंबर-1 दुश्मन बताता है, लेकिन वह इस्लाम और मानवता का दुश्मन है।”
उन्होंने आगे कहा कि हमने एक मदरसा में जुटकर रिजोल्युशन पास किया है और JuD समेत पाकिस्तान में मौजूद तमाम आतंकी गुटों की एकराय से निंदा की है। ये आतंकी गुट हमारे देश की शांति को खत्म कर रहे हैं। अंजरिया ने कहा कि कश्मीर भारत का अंदरूनी मसला है। इसमें किसी तीसरे पक्ष की दखल नहीं होनी चाहिए। अंजरिया ने 2015 में भी आईएसआईएस के खिलाफ फतवा जारी करने की पहल की थी। इस पर 1000 मौलवियों ने दस्तखत किए थे।
हाल ही में पाकिस्तान ने सईद का हाउस अरेस्ट पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की सरकार ने दो महीने के लिए बढ़ा दिया है। वो 31 जनवरी से घर में नजरबंद है। इससे पहले पंजाब प्रांत की सरकार ने तीन महीने के लिए उसका हाउस अरेस्ट बढ़ाया था। हाफिज सईद के साथ ही अब्दुल्ला उबैद, मलिक जफर इकबाल, अब्दुल रहमान आबिद और काजी काशिफ हुसैन को भी नजरबंद किया गया था। पंजाब प्रांत की सरकार का कहना है कि इन लोगों एंटी-टेररिज्म एक्ट 1997 के तहत नजरबंद किया गया है।

हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए Pileekhabar के Facebook पेज को लाइक करें

loading…


Loading…



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *