वरिष्ठ पत्रकार और पूर्व राज्य सभा सांसद शाहिद सिद्दीकी ने कहा कि भारत में लोग अपनी धार्मिक श्रेष्ठता की नुमाइश करने में गर्व का अनुभव करते हैं। हम यहां ध्वनि प्रदूषण करना पसंद करते हैं। मैं मुल्लों के फतवों से नहीं डरता, जो फतवों से डरता है वो मोमिन नहीं, फतवा तो मीडिया का तमाशा है, सच्चा मुसलमान इसे ज्यादा तवज्जो नहीं देता है। मेरी जवाबदेही अल्लाह के प्रति है ना कि मुल्ला के प्रति।
सिद्दीकी ने कहा है कि ईरान में सुबह का अजान लाउडस्पीकर पर नहीं दिया जाता है और लोग नमाज पढ़ने का वक्त जानने के लिए अजान एप का इस्तेमाल करते हैं और नमाज पढ़ते हैं। पिछले हफ़्ते ईरान दौरे पर गये समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता शाहिद सिद्दीक़ी ने ट्वीट कर लिखा कि- मैं पिछले हफ़्ते ईरान में था, यहां सुबह का अजान लाउडस्पीकर पर नहीं दिया जाता है, दिन में भी अजान देने के लिए एक से ज्यादा बार लाउडस्पीकर की इजाजत नहीं है, सभी लोग अजान एप का इस्तेमाल करते हैं और नमाज पढ़ते हैं।
सिद्दीकी ने अपने ईरान के अनुभव का हवाला देते हुए बताया कि ईरान के लोगों का कहना है कि एक नमाजी को नमाज का वक्त पता होता है इसके लिए जोर से रिमाइन्डर देने की जरूरत नहीं होती है। सरकारी दफ़्तरों में अनाउंस सिस्टम से अजान सुनाई देता है लेकिन बाहर आने पर मुझे कोई आवाज सुनाई नहीं दी।
पूर्व सांसद से ट्विटर पर जब एक शख़्स ने कहा कि ये भारत है, तो शाहिद सिद्दीकी ने कहा कि हां भारत में हम लोग रेडलाइट पर भी सवार होकर हॉर्न बजाना पसंद करते हैं। भारत में लोग अपनी धार्मिक श्रेष्ठता की नुमाइश करने में गर्व का अनुभव करते हैं। हम यहां ध्वनि प्रदूषण करना पसंद करते हैं।
जब एक शख्स ने उनसे पूछा कि- अभी कुछ लोग उनके खिलाफ फतवा जारी कर देंगे क्या उन्हें डर नहीं लगता। तो सिद्दीकी ने कहा कि जो फतवों से डरता है वो मोमिन नहीं, फतवा तो मीडिया का तमाशा है, सच्चा मुसलमान इसे ज्यादा तवज्जो नहीं देता है। उन्होंने कहा कि उनकी जवाबदेही अल्लाह के प्रति है ना कि मुल्ला के प्रति।
कुछ दिनों पहले बॉलीवुड सिंगर सोनू निगम के ट्वीट के बाद भारत में काफी हंगामा हुआ था और कुछ लोगों ने सोनू निगम के पक्ष में तो कुछ ने उनके खिलाफ बयान दिया था।

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