हज पर सब्सिडी पूरी तरह खत्म, कम किराये वाले रास्ते चुनने की मिली छूट

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केंद्र सरकार ने मुसलमानों को हज यात्रा के लिए दी जाने वाली सब्सिडी को पूरी तरह से खत्म कर दिया है. हज सब्सिडी 2022 में पूरी तरह से खत्म होनी ही थी. सुप्रीम कोर्ट ने 2012 में हज सब्सिडी खत्म करने के लिए दस साल का समय दिया था और पिछले पांच साल में ये घटकर महज 25 फीसदी रह गई थी लेकिन मोदी सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए एक झटके में इसे खत्म कर दिया है.
विदेश मंत्रालय, परिवहन और पर्यटन पर बनी एक संसदीय समिति ने 2006 से ही हज सब्सिडी को एक समय सीमा के भीतर खत्म करने के सुझाव दिए थे. इसके बावजूद सरकार ने हज सब्सिडी को खत्म नहीं किया था. उसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने सरकार द्वारा हज यात्रा के लिए दी जाने वाली सब्सिडी की आलोचना करते हुए 2012 में कोर्ट ने इसे 10 साल की समय-सीमा में धीरे-धीरे खत्म करने का आदेश दिया था. इसके बाद से सरकार द्वारा जो पैसा 2012 से पहले जारी किया जाता था. वो साल दर साल घटता गया.
अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय के अनुसार 2012 में 836.55 करोड़ रुपये की हज सब्सिडी दी गई. इसके बाद से लगातार सब्सिडी का बोझ सरकार के सिर से कम होता गया. अगले ही साल यानी 2013 में इसमें डेढ़ सौ करोड़ से ज्यादा की कटौती करते हुए 680.03 करोड़ रुपये की सब्सिडी जारी की. 2014 में 100 करोड़ से ज्यादा रकम घटा दी गई और सब्सिडी 577.07 करोड़ रह गई. 2015 में सब्सिडी 50 करोड़ की कमी की कमी के बाद घटकर 529.51 करोड़ रुपये हो गई. 2016 में 405 करोड़ रुपये बतौर हज सब्सिडी के रूप में सरकार ने दिए यानी सब्सिडी की रकम 836 से घटकर करीब आधी रह गई. सूत्रों के अनुसार 2017 में महज 250 करोड़ की हज सब्सिडी दी गई थी.
केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि हर किसी की ख्वाहिश होती है कि वह हज अपनी गाढ़ी कमाई से करे. सरकार भी बगैर तुष्टीकरण के पूरे सम्मान के साथ अल्पसंख्यकों का सशक्तिकरण चाहती है. इसीलिए सब्सिडी के रूप में जा रही राशि अब अल्पंसख्यक महिलाओं की शिक्षा पर खर्च होगी. नकवी कहा कि अब यह शर्त हटा ली गई है कि कौन से राज्य के हाजी कहां से सउदी जाएंगे. अब अपनी मर्जी से वह दिल्ली, मुंबई या किसी और जगह से जा सकते हैं. मंत्री ने कहा कि पिछले दो साल में केंद्र सरकार की कोशिशों की वजह से हज कोटा में लगभग 40 हजार की बढ़ोत्तरी हुई है और आजादी के बाद से पहली बार सबसे बड़ा भारतीय जत्था हज पर जाएगा.
नकवी ने कहा कि यही सम्मान के साथ विकास की बात है. इरादा नेक है इसीलिए पानी के जहाज से यात्रा का भी इंतजाम किया जा रहा है. सउदी सरकार से इसकी अनुमति मिल गई है, जिसे 1995 में बंद कर दिया गया था. नकवी ने कहा कि पहले समुद्र के रास्ते हज यात्रा में 12 से 15 दिनों का समय लगता था, लेकिन अब तीन से चार दिन में जहाज से यात्रा कर सकते हैं.
उन्होंने बताया कि चार लाख लोगों ने आवेदन दिया था, जिसमें 1.75 लाख को लाटरी से चुना जाएगा. 13 हजार ऐसी महिलाएं है जो बिना किसी पुरुष साथी के हज पर जा रही हैं. उन्हें लाटरी से मुक्ति दी गई है, साथ ही उनकी सुविधा के लिए दोनों स्थानों पर महिला सुपरवाइजर होंगी. साथ ही मक्का और मदीने में उनके रहने के लिए भी अलग से व्यवस्था की जा रही है।
हज पर सब्सिडी खत्म किए जाने के इस फैसले पर कहीं खुशी तो कहीं गम का इजहार किया गया है. कुछ ने सरकार के इस कदम को सही बताते हुए एक अच्छी पहल बताई तो कई ने इसका विरोध किया है.
मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी ने कहा कि असल, हज सब्सिडी का फायदा गरीब मुसलमानों को नहीं मिल पा रहा था. हज यात्रा पर मिलने वाली सब्सिडी का फायदा अभी तक सिर्फ एजेंट उठा रहे थे. सरकार को गरीब और बेसहारा मुस्लिमों के लिए अलग से व्यवस्था करनी चाहिए.
हज सेवा समिति के सचिव अहमद उल्ला वारसी ने कहा हज यात्रा से सब्सिडी ख़त्म करने के बाद 700 करोड़ के बजट का इस्तेमाल मुस्लिम गर्ल्स की हाई एजुकेशन पर पूरी ईमानदारी के साथ लगाया जाए और हज यात्रा को सस्ता किया जाए. सब्सिडी तो नाम की थी हर साल हज यात्रा महंगी ही हुई हैं. 15 से 25 हज़ार हर बार बढ़े हैं, इस पर भी अंकुश लगना चाहिये.
चिश्तिया कमेटी के सचिव इफ्तिकार कुरैशी हज यात्रा पर सब्सिडी नहीं होनी चाहिए थी. सरकार का फैसला एकदम सही है हम इस फैसले का स्वागत करते हैं.
हज सेवा समिति के अध्यक्ष पम्मी खां वारसी ने कहा कि हज सब्सिडी खत्म होने के बाद अब हज यात्रा सस्ती होनी चाहिये. भारत सरकार को टेंडर मांगने चाहिये, क्योंकि और एयरलाइंस से हज की फ्लाइट सस्ती मिलेगी. हज सब्सिडी खत्म करने का तब स्वागत होगा जब हज यात्रा पर लगने वाले टैक्स भी ख़त्म हों. हज यात्रा पर किसी भी तरह का टैक्स होना ही नहीं चाहिये, क्योंकि हज एक धार्मिक यात्रा है.
बरेलवी उलेमा का कहना है कि सरकार धीरे-धीरे मुसलमानों के धार्मिक कार्यों पर अंकुश लगा रही है जो ठीक नहीं है. हज पर सब्सिडी मिलने से गरीब लोगों को हज करने के सहूलियत मिल जाती थी.

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