स्वीडन के PM किसी राष्ट्राध्यक्ष का पहली बार एयरपोर्ट पर करेंगे स्वागत, ब्रिटेन में प्रिंस चा‌र्ल्स करेंगे अगवानी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई के लिए परंपरा तोड़कर स्वीडन के प्रधानमंत्री पहली बार एयरपोर्ट पर आगवानी करने आयेंगे. वैसे भी यह यात्रा ऐतिहासिक है, क्योंकि तीस वर्ष बाद भारत के प्रधानमंत्री स्वीडन जा रहे हैं. कॉमनवेल्थ समिट में आने वाले सभी बावन देशों के प्रमुख लग्जरी बस में सफर करेंगे, जबकि अकेले मोदी लिमोजीन कार से सफर करेंगे.
मोदी अकेले ऐसे नेता हैं जिन्हें ब्रिटेन ने द्विपक्षीय वार्ता का न्योता दिया है तथा महारानी एलीजाबेथ द्वितीय ने जिन तीन राष्ट्राध्यक्षों को मुलाकात का समय दिया है, उनमें मोदी का भी नाम है. लंदन के सेंट्रल हॉल वेस्टमिंस्टर में बुधवार को यूरोप इंडिया फोरम द्वारा आयोजित कार्यक्रम का पूरी दुनिया में प्रसारण होगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोमवार से शुरू पांच दिवसीय विदेश यात्रा कई मायनों में मील का पत्थर साबित होगी. वे पहले स्वीडन और उसके बाद ब्रिटेन जाएंगे. पहली बार स्वीडिश प्रधानमंत्री स्टेफान लोफवेन किसी राष्ट्राध्यक्ष की अगुआई के लिए एयरपोर्ट जाएंगे. मोदी कॉमनवेल्थ समिट में हिस्सा लेने रात में ही लंदन पहुंचेंगे और बुधवार को ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल वेस्टमिंस्टर में दुनियाभर के लोगों को ‘भारत की बात, सबके साथ’ कार्यक्रम में संबोधित करेंगे. ज्ञात है कि इसी हॉल में स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान 1931 में महात्मा गांधी समसामयिक बहस में शामिल हुए थे.
स्वीडन में भारतीय राजदूत मोनिका कपिल मोहता के अनुसार यह प्रधानमंत्री मोदी की ऐतिहासिक यात्रा है, क्योंकि भारत के PM तीस वर्ष बाद स्वीडन आ रहे हैं और पहली बार स्वीडन के प्रधानमंत्री परंपरा तोड़कर नरेंद्र मोदी की अगुआई के लिए एयरपोर्ट जाएंगे. उनके द्वारा हमारे PM को रिसीव करने एयरपोर्ट आना हमारे लिए गर्व की बात होगी. PM मोदी स्वीडन में भारत-नोर्डिक समिट में हिस्सा लेंगे, जिसमें फिनलैंड, नार्वे, डेनमार्क और आइसलैंड के प्रधानमंत्री भी शामिल रहेंगे.


PM मोदी ने दौरे के पूर्व कहा कि ”भारत और स्वीडन के बीच लंबे वक्त से दोस्ती है, हमारी साझेदारी लोकतांत्रिक मूल्यों और वैश्विक नियमों की बुनियाद पर टिकी है. स्वीडन हमारे विकास का मूल्यवान साझेदार है.” ”मैं और प्रधानमंत्री लोफवेन स्वीडन के बिजनेस लीडर्स के साथ निवेश, साइंस एंट टेक्नोलॉजी, क्लीन एनर्जी और स्मार्ट सिटी के मुद्दे पर रोडमैप तैयार करने के लिए चर्चा करेंगे.”
स्वीडन यात्रा के बाद मोदी के चार दिवसीय ब्रिटेन की यात्रा पर लंदन पर पहुंचेंगे, जहाँ उनका अभूतपूर्व स्वागत होगा. प्रिंस चा‌र्ल्स खुद उनकी अगवानी करेंगे, जो दर्शाता है कि ब्रिटेन भारत के साथ संबंधों को कितनी गंभीरता से ले रहा है. कॉमनवेल्थ समिट में आने वाले 52 देशों के प्रमुखों में से मोदी अकेले प्रधानमंत्री होंगेजो लिमोजीन कार से सफर करेंगे. अन्य देशों के नेता समिट के दौरान कोच (बस) से सफर करेंगे. 2009 के बाद से कॉमनवेल्थ समिट में हिस्सा लेने वाले नरेंद्र मोदी पहले भारतीय PM भी होंगे.
लंदन के सेंट्रल हॉल वेस्टमिंस्टर में बुधवार को मोदी का कार्यक्रम महात्मा गांधी और मार्टिन लूथर किंग जैसे नेताओं के नक्शेकदम पर होगा. जिसे यूरोप इंडिया फोरम आयोजित कर रहा है, इसका पूरी दुनिया में प्रसारण किया जाएगा. कार्यक्रम में दुनियाभर के लोगों का सोशल मीडिया के जरिए पूछे जाने वाले सवालों का जवाब भी PM मोदी देंगे. इसी हॉल में भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान 1931 में महात्मा गांधी ने समसामयिक मुद्दों पर बहस में हिस्सा लिया था. यहां मार्टिन लूथर किंग, दलाई लामा और प्रिंस डायना जैसे वैश्विक हस्तियां अपना संबोधन दे चुके हैं.
राष्ट्रमंडल देशों के प्रमुखों की बैठक से ठीक पहले PM नरेंद्र मोदी अकेले ऐसे नेता होंगे जिनके साथ ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे के बीच द्विपक्षीय बातचीत होगी. साथ ही मोदी उन तीन नेताओं में से भी एक हैं, जिन्हें बकिंघम पैलेस में महारानी एलिजाबेथ से निजी मुलाकात के लिए निमंत्रण दिया गया है. प्रधानमंत्री 20 अप्रैल को भारत लौटते वक्त कुछ देर के लिए बर्लिन (जर्मनी) में रुकेंगे.


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