स्कूटर से ऑफिस जाते हैं ये सीएम, इनकी सादी ड्रेस देख होटल के दरबान ने होटल में नहीं दिया था घुसने

 114 

पणजी व वालपोई विधानसभा उपचुनावों के नतीजे आ गए हैं। गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने कांग्रेस के अपने प्रतिद्वंद्वी को हराकर पणजी विधानसभा उपचुनाव जीत लिया है। बता दें कि, पर्रिकर ने रक्षामंत्री पद से इस्तीफा देकर चौथी बार गोवा के मुख्यमंत्री का पद संभाला था।
अपनी सादगी के लिए फेमस मनोहर पर्रिकर सीएम रहते हुए स्कूटर से मीटिंग के लिए फाइव स्टार होटल जाया करते थे। उनकी सादी ड्रेस देख होटल के दरबान ने उन्हें होटल में घुसने से रोक दिया था। सादगी के लिए मशहूर हैं पर्रिकर –
पर्रिकर गोवा सीएम रहते हुए कई बार क्षेत्र का दौरा या दूसरे प्रोग्राम्स के लिए स्कूटर पर ही निकल जाया करते थे। जब वे किसी कार्यक्रम में शरीक भी होते थे तो,साधारण वेशभूषा में पहुंच जाया करते थे ।शादी समारोह में भी पर्रिकर कई बार लाइन में लगकर खाना लेते नजर आ चुके हैं।
पार्रिकर के करीबी बताते हैं कि एक बार पर्रिकर को एक कार्यक्रम में शरीक होने के पांच सितारा होटल जाना था, लेकिन समय पर उनकी गाड़ी खराब हो गई। उन्होंने तत्काल एक टैक्सी बुलवाई और साधारण कपड़े और चप्पल पहन वे होटल पहुंचे। जैसे ही टैक्सी से उतरे तो होटल के दरबान ने उन्हें रोका और कहा कि, ‘तुम अंदर नहीं जा सकते।’

उन्होंने दरबान को बताया कि वे गोवा के मुख्यमंत्री हैं, यह सुनकर दरबान ठहाके मारकर हंसने लगा और बोला कि ‘तू मुख्यमंत्री है तो मैं देश का प्रेसिडेंट हूं।’ इतने में प्रोग्राम के आयोजक मौके पर पहुंचे और दरबान को समझाया। पर्रिकर स्कूटर से भी होटल्स में पहुंच जाया करते थे।
13 दिसंबर 1955 को जन्‍मे मनोहर पर्रिकर ने आईआईटी मुंबई से स्‍नातक डिग्री हासिल की है। पर्रिकर के नाम पहला आईआईटीयन सीएम होने का रिकॉर्ड भी दर्ज है। पर्रिकर के अलावा आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल भी आईआईटी से पास आउट हैं।
पर्रिकर युवा रहते आरएसएस में शामिल हुए। उनकी काबिलियत को देखते हुए 26 साल की उम्र में उन्हें गोवा का संघचालक बना दिया गया था। वो राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान नॉर्थ गोवा में प्रमुख संगठनकर्ता रहे।
वो पहली बार 1994 में विधायक बने थे। 1999 में पर्रिकर गोवा विधानसभा में अपोजिशन के लीडर रहे। 1994 में पर्रिकर जब पहली बार विधायक बने उस वक्त राज्य में बीजेपी की सिर्फ 4 सीटें थीं, लेकिन पर्रिकर ने 6 साल में ही गोवा में बीजेपी को पहली बार सत्ता दिला दी।
कब-कब रहे सीएम?
पहली बार- 24 अक्टूबर 2000 से 2 फरवरी 2005, दूसरी बार- 9 मार्च 2012 से 8 नवंबर 2014, तीसरी बार- 14 मार्च 2017 से अब तक
जनवरी 2005 में उन्हें मुसीबत का सामना करना पड़ा। उस वक्त उनके 4 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था और उनकी सरकार गिर गई थी। अगले विधानसभा चुनाव में बीजेपी को दिगंबर कामत की अगुआई वाली कांग्रेस से हार का सामना करना पड़ा।
2012 में अपोजिशन में रहते हुए पर्रिकर ने कांग्रेस सरकार के दौरान हुए माइनिंग स्कैम को उजागर किया। 2012 में ही हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 24 सीटें मिलीं और पर्रिकर फिर एक बार सीएम बने।
पर्रिकर की एडमिनिस्ट्रेटिव और ऑर्गेनाइजेशन स्किल के नरेंद्र मोदी भी कायल हैं। इसी वजह से पीएम ने पर्रिकर को 2014 में अपनी कैबिनेट में लेकर डिफेंस मिनिस्ट्री की जिम्मेदारी सौंपी थी। उनके केंद्र में जाने के बाद लक्ष्मीकांत पार्सेकर को गोवा का सीएम बनाया गया था।
पर्रिकर की पत्नी मेधा अब इस दुनिया में नहीं हैं। 2001 में कैंसर से उनका निधन हो गया था। पर्रिकर के दो बेटे, उत्पल और अभिजात हैं। उत्पल ने अमेरिका की मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग किया है। अभिजात लोकल बिजनेसमैन हैं।

हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए Pileekhabar के Facebook पेज को लाइक करें

loading…


Loading…



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *