सृजन घोटाले में CBI ने दायर किया पहला चार्जशीट

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बिहार के चर्चित सृजन महाघोटाले में CBI ने 6 लोगों के खिलाफ पहली चार्जशीट पटना में दायर कर दी। अपने जांच में CBI ने पाया कि घोटाला काफी बड़ा है, जो हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का हो सकता है।
सीबीआई के मजिस्ट्रेट कोर्ट में बुधवार (8नवम्बर) को एक मामले आर सी 13 ए /2017 के तहत दायर चार्जशीट में सृजन महिला विकास समिति की मैनेजर सरिता झा, बैंक ऑफ बड़ौदा भागलपुर शाखा के पूर्व ब्रांच मैनेजर अरुण कुमार सिंह, इंडियन बैंक के क्लर्क अजय कुमार पांडेय, पूर्व भू-अर्जन कार्यालय के नाजिर राकेश कुमार झा, पूर्व भू अर्जन पदाधिकारी राजीव रंजन सिंह, बैंक ऑफ बड़ौदा के ब्रांच मैनेजर बरूण कुमार सिन्हा पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और जालसाजी, धोखाधड़ी व गबन के आरोप लगाये गये हैं। दो को छोड़कर चार्जशीटेड सभी आरोपित भागलपुर जेल में ही बंद हैं।
CBI के वकील एएच खान ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दायर चार्जशीट के आलोक में आरोपितों का ट्रायल CBI के विशेष न्यायाधीश की अदालत में भेजने का आग्रह किया है। सृजन घोटाले के तीन मामलों में सीबीआई ने दो महिला आरोपित और 15 पुरुष को अभियुक्त बनाया है।

अगस्त से ही शुरू हुई सृजन घोटाले की जांच में कई लोग गिरफ्तार किये गए थे। इनकी गिरफ्तारी की 90 दिन की अवधि भी अब पूरी होने वाली है। इसको लेकर जांच एजेंसी द्वारा गिरफ्तार लोगों एक खिलाफ चार्जशीट दायर करना आवश्यक हो गया था। सीबीआई के उच्चाधिकारी पटना में जमे हुए हैं।
सीबीआई के अनुरोध पर ही सीबीआई के मजिस्ट्रेट कोर्ट ने सभी अभियुक्तों को भागलपुर जेल में रखने का आदेश दिया है। भागलपुर जेल से ही सभी कैदियों को पटना सिविल कोर्ट कड़ी सुरक्षा में लाया जाता है।
सृजन घोटाले के कुल दस मामले में सीबीआई अनुसंधान कर रही है। सीबीआई ने सृजन महाघोटाले में जो पहली चार्जशीट फाइल की है उसमें सृजन की संचालक और संस्थापक मनोरमा देवी को मृत घोषित कर चार्जशीट फाइल की है।
भागलपुर में सृजन घोटाला के उजागर होने के बाद से इसमें कुल 18 आरोपियों को अब तक गिरफ्तार किया गया है। इनमें से एक नाजिर महेश मंडल की मौत हो गयी है, बाकी 17 आरोपियों को लेकर पटना के सीबीआई कोर्ट में सुनवाई चल रही है। फिलहाल सभी 17 आरोपी भागलपुर जेल में ही बंद हैं। अंतिम सुनवाई 30 अक्टूबर को पटना स्थित सीबीआई के स्पेशल कोर्ट में हुई है।
सृजन घोटाला अपने शुरुआती दौर में 200 करोड़ तक का था, पर जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, रकम भी बढ़ती गयी। यह रकम अब 1300 करोड़ पार कर गयी है और इसका दायरा भी भागलपुर जिले से बढ़कर बांका, सुपौल, सहरसा तक पहुंच चूका है। सीबीआई चीफ आलोक वर्मा बीते बुधवार को ही पटना पहुंच गए थे। वर्मा सृजन घोटाले को लेकर अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर उसकी समीक्षा कर रहे थे। माना जा रहा है कि जल्द ही कई और लोगों की गिरफ्तारी मामले में होगी।

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