सुषमा स्वराज नहीं लड़ेंगी चुनाव

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भाजपा की तेज तर्रार कद्दावर नेता और मोदी सरकार में विवादों से दूर एक कामकाजी मंत्री के रूप में अपनी छवि बनाने में कामयाब विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने 2019 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान कर दिया.
इंदौर में प्रेस वार्ता के दौरान 66 वर्षीया सुषमा स्वराज ने यह ऐलान करते हुए कहा कि मैंने मन बनाया है कि आने वाले लोकसभा चुनाव में मैं नहीं लड़ूंगी. केंद्रीय मंत्री ने स्वास्थ्य कारणों से चुनाव नहीं लड़ने का फैसला लेते हुए कहा कि मैं धूल के कारण विदेश तो जा सकती थीं लेकिन विदिशा तक नहीं आ सकती थी. आज भी सभागार में कार्यक्रम कर रही हूँ. स्वास्थ्य के कारण मैंने नेतृत्व से कहा है कि अब मैं चुनाव नहीं लड़ सकती हूँ. ज्ञात है कि 2016 में बुखार और निमोनिया के साथ ही सीने में जकड़न की समस्या होने पर उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था. विदेश मंत्री का 2016 में 10 दिसंबर को एम्स में 50 डॉक्टरों की एक टीम द्वारा उनका किडनी प्रत्यारोपण किया गया था.
सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय सुषमा की छवि काफी तेज तर्रार नेता वाली के रूप में है. संयुक्त राष्ट्र संघ सहित तमाम वैश्विक मंचों पर बेबाकी से भारत का पक्ष रखने वाली सुषमा स्वराज पूरी दुनिया के सामने भारत के कद को एक नया आयाम देती हैं. भारतीय राजनीति में एक बड़ा नाम रखने वाली सुषमा स्वराज पन्द्रहवीं लोकसभा में प्रतिपक्ष की नेता रही हैं. इसके पहले वे केन्द्रीय मन्त्रिमण्डल में तथा दिल्ली की मुख्यमन्त्री भी रही हैं. 2014 में उन्हें भारत की पहली महिला विदेश मंत्री होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ, जबकि इसके पहले इंदिरा गांधी दो बार कार्यवाहक विदेश मंत्री रह चुकी हैं.


प्रेस वार्ता के दौरान सुषमा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की जमकर तारीफ की तो वहीं कांग्रेस के वचन पत्र को झूठा बताया. सुषमा ने कहा कि हमारी केंद्र और राज्य दोनों सरकारें बहुत अच्छा काम कर रही हैं. हमारे सामने विपक्ष में कोई विकल्प नहीं है, गठबंधन का कोई नेता नहीं है. कांग्रेस के वचन पत्र में बड़ी-बड़ी बातें की गई हैं, किसान का कर्ज माफ, बिजली बिल आधा, लड़कियों के विवाह के लिए आधा खर्च आदि. इससे ही लगता है कि अब कांग्रेस नेतृत्व को भी इस बात का विश्वास हो गया है कि कांग्रेस सरकार में नहीं आ रही इसलिए इतने सब्जबाग दिखा दिए. क्योंकि उन्होंने मान लिया है कि उन्हें सरकार में आना ही नहीं है.
सुषमा स्वराज ने राम मंदिर, राफेल और महंगाई को चुनावी मुद्दा मानने से इंकार करते हुए कहा कि राम मंदिर चुनाव का नहीं बल्कि आस्था और अध्यात्म का मुद्दा है. उन्होंने ये कहा कि पेट्रोल और गैस के दाम भारत सरकार तय नहीं करतीं, हालांकि पेट्रोल के दाम लगातार कम हुए हैं. सुषमा ने नोट बंदी और GST लागू करने के फैसले को साहसिक निर्णय बताया.
एक सवाल जवाब में उन्होंने कहा कि आडवाणी जी की आयु 90 वर्ष की हो गई है, ऐसे में चुनाव की व्यस्तताओं से उन्हें असुविधा होती है. सक्रियता का पैमाना केवल सभाओं में जाना नहीं, वे हर मीटिंग में आते हैं. एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि प्रदेश में एंटी इंकंबंसी नहीं है. पाकिस्तान से आई मूक-बधिर युवती गीता को उन्होंने हिंदुस्तान की बेटी बताते हुए कहा कि गीता अब वापस पाकिस्तान नहीं जाएगी चाहे उसके परिवार के लोग मिलें या न मिलें. गीता के माता को तलाशने की पूरी कोशिशें की जा रही हैं, आठ लोगों के DNA किए गए लेकिन सभी फेल हुए. गीता अब शादी के लायक हो गई है उस लिहाज से भी प्रयास किए जा रहे हैं.

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