‘सुप्रीम कोर्ट संकट’ समाप्त, चाय के साथ जजों ने स्वयं सुलझाया विवाद

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देश की सबसे बड़ी अदालत SC का संकट खत्म हो गया है. चारों जजों ने सोमवार को कोर्ट के रूटीन कामों में हिस्सा लिया. अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने कहा कि राई का पहाड़ बना दिया गया था. सुप्रीम कोर्ट के सभी जजों ने आज सुबह चाय पर चर्चा कर विवाद को सुलझा लिया है. ये केवल चाय के प्याले में आए तूफान की तरह था.
सुप्रीम कोर्ट में परंपरा है कि सभी जज सुबह काम की शुरुआत से पहले चाय पर मिलते हैं. उसी के अनुसार सोमवार सभी ने एकसाथ चाय पी. बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी जजों के विवाद के खत्म होने की बात कही. बार के चेयरमैन ममन कुमार मिश्रा ने कहा कि BCI के सदस्यों ने कल सुप्रीम कोर्ट के 15 न्यायाधीशों से मुलाकात की थी जिन्होंने मसला सुलझ जाने का आश्वासन दिया था. इनमें तीन असंतुष्ट न्यायाधीश भी शामिल थे. एक असंतुष्ट न्यायमूर्ति गोगोई राजधानी से बाहर गये हुये थे.
बार के अध्यक्ष ने कहा कि कहानी खत्म हो गई. राजनीतिक दलों को एक प्रेस कांफ्रेस में चार न्यायाधीशों के आरोपों का लाभ उठाने का प्रयास नहीं करना चाहिए. CJI की सार्वजनिक रूप से आलोचना करने की वजह से इन चारों न्यायाधीशों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए पूछने पर उन्होंने कहा कि किसी कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है और वे सभी ईमानदार और निष्ठावान हैं.
ज्ञात है कि इस समय सुप्रीम कोर्ट में प्रधान न्यायाधीश सहित 25 न्यायाधीश हैं. इनमें से 4 न्यायमूर्ति जे चेलमेश्वर, न्यायमूर्ति रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति मदन बी लोकूर और न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ ने अप्रत्याशित रूप से 12 जनवरी को प्रेस कांफ्रेंस करके CJI के खिलाफ आरोप लगाये थे. इन न्यायाधीशों ने लोकतंत्र के खतरे में होने के प्रति आगाह करते हुये मुकदमों को चुनकर आबंटित करने और CJI के चुनिन्दा न्यायिक आदेशों पर सवाल उठाते हुये न्यायालिका और राजनीतिक हलके में सनसनी पैदा कर दी थी.

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