पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपने शपथग्रहण समारोह में कांग्रेस नेता और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू के शामिल होने को लेकर भारत में जारी विवाद पर कहा कि भारत में जो लोग उन्हें निशाना बना रहे हैं, वे उपमहाद्वीप में शांति को नुकसान पहुंचा रहे हैं. वह शांति के दूत थे, और उन्हें पाकिस्तान की जनता की ओर से प्यार और लगाव ही दिया गया.
माइक्रो-ब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर पर इमरान खान ने कहा कि- “शपथग्रहण समारोह में शिरकत के लिए मैं नवजोत सिंह सिद्धू को शुक्रिया कहता हूं. वह शांति के दूत थे, और उन्हें पाकिस्तान की जनता की ओर से प्यार और लगाव ही दिया गया. भारत में जो लोग उन्हें निशाना बना रहे हैं, वे उपमहाद्वीप में शांति को नुकसान पहुंचा रहे हैं. शांति के बिना हमारे लोग तरक्की नहीं कर सकते हैं.”
इधर पाकिस्‍तान के आर्मी चीफ कमर जावेद बाजवा से गले मिलकर पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने कांग्रेस पार्टी के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है. भाजपा ने अब इस मुद्दे पर सीधे कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी से जवाब मांगा है. हाँलाकि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भी अपने मंत्री सिद्धू पर निशाना साध चुके हैं.
भाजपा नेता संबित पात्रा ने कहा कि सिद्धू ने जिस प्रकार अपनी प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से भारत को कटघरे में खड़ा करने का काम किया है, उसके लिए राहुल गांधी देश को जवाब दें. कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि हमारे आर्मी चीफ, ‘सड़क के गुंडे’ और पाकिस्तान के आर्मी चीफ, ‘सोने दे मुंडे’ हैं. नवजोत सिंह सिद्धू ने इशारों ही इशारों में कहा कि भारत के लोग छोटे दिल के हैं, हम इसकी निंदा करते हैं. हम सिद्धू जी से नहीं राहुल जी से जवाब चाहते हैं, क्‍या वह एक समानांतर सरकार चलाने की कोशिश कर रहे हैं?


इससे पहले नवजोत सिंह सिद्धू ने अपनी सफाई दी थी. उन्होंने कहा कि पहले भी तनाव के बीच दोनों देशों के नेता मिलते रहे हैं. कमर जावेद बाजवा से उनकी मुलाकात सिर्फ चंद मिनटों की थी. बेवजह इस पर बवाल खड़ा किया जा रहा है. सिद्धू ने कहा कि पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी शांति का संदेश लेकर पाकिस्तान गए थे. उनके लौटने के तुरंत बाद ही जनरल मुशर्रफ ने कारगिल में युद्ध छेड़ दिया था. बाद में उसी परवेज को भारत में निमंत्रण दिया गया. वाजपेयी और मुशर्रफ के बीच आगरा में वार्ता भी हुई. दूसरी तरफ, पीएम मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में पाकिस्तान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ को बुलाया गया था और उनका मधुर स्वागत किया गया था.
आर्मी चीफ कमर जावेद बाजवा से गले मिलना पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के गले की हड्डी बन गयी है. सिद्धू ने पूरे मामले पर सफाई देते हुये कहा कि बाजवा ने गुरु नानक देवजी का नाम लिया तो मैं भावुक हो गया और उनको झप्‍पी दे दी. सिद्धू ने इमरान खान सरकार की वकालत करते हुए कहा कि पाकिस्तान की नई सरकार दोनों देशों के रिश्ते सुधारने में मदद कर सकती है. मुझे पाकिस्तान के लोगों ने जो प्यार दिया उससे आज भी ओतप्रोत हूं.
पाकिस्तान के के सेना प्रमुख को गले लगाने के मामले में पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू पर बिहार में मुजफ्फरपुर के बाद अब उत्तर प्रदेश के कानपुर की एक अदालत ने सिद्धू के खिलाफ देशद्रोह के आरोप वाली याचिका को मंजूर कर लिया है. मामले की सुनवाई 27 अगस्त को होगी. इस याचिका में एडवोकेट प्रियांशु सक्सेना ने एमएम-7 कोर्ट में मामला दर्ज कराते हुए कहा कि सिद्धू का दुश्मन देश जाकर वहां के सेना प्रमुख से गले मिलना देशद्रोह की श्रेणी में आता है. लिहाजा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए. इसके पूर्व सिद्धू के खिलाफ मुजफ्फरपुर सीजेएम कोर्ट में अधिवक्ता सुधीर ओझा ने केस दर्ज कराया. अधिवक्ता ने सिद्धू के खिलाफ देशद्रोह का केस दर्ज किया है.

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