प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्जीनिया के होटल रिट्ज कार्टन में इंडियन कम्युनिटी से कहा कि आतंकवाद की परेशानी को कोई मानने को तैयार नहीं था, आतंकियों ने खुद कई देशों को समझा दिया। दुनिया में किसी ने हमारी सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल नहीं उठाए, जिन्हें भुगतना पड़ा उन्हें छोड़कर।
मोदी ने कहा कि एक प्रकार से यहां मैं जो स्वरूप देख रहा हूं, उसमें लघु भारत भी है और लघु अमेरिका भी है। हिंदुस्तान में जब कुछ बुरा होता है तो सबसे पहले आपकी नींद खराब होती है। ये इसलिए होता है कि आपका दिल हर पल चाहता है कि मेरा देश कैसे बढ़ेगा। मैं विश्वास दिलाता हूं कि जो सपने आपने देखे हैं, वो आपके रहते हुए पूरे होंगे। तीन साल में हमारी सरकार पर कोई दाग नहीं लगा है।
PM ने कहा कि भारत में जिन विषयों पर सरकारें बदनाम होती रहीं और बदलती रहीं, उसका कारण ये नहीं था कि किसी को कुछ चाहिए था और मिला नहीं। असंतोष का कारण वो नहीं था। भारत का आम आदमी, संतोष का संस्कार है। सरकारें बदलने का एक प्रमुख कारण रहा है भ्रष्टाचार, बेईमानी, जिससे देश के आम आदमी को नफरत हैl मैं आज सर झुकाकर ये कहना चाहूंगा कि 3 साल में अब तक इस सरकार पर दाग नहीं लगा है।
PM ने कहा कि सरकार चलाने में भी ऐसे कदम उठाए जा रहे हैं जिससे ऐसी व्यवस्था बने कि ईमानदारी पैदा हो। टेक्नोलॉजी का इसमें बहुत बड़ा योगदान रहा है। भारत में गैस सब्सिडी देते हैं। कानून एक होता है, गरीब और अमीर सबको सब्सिडी जाती है। मैंने लोगों से रिक्वेस्ट की कि भाई सक्षम हो तो अपना सब्सिडी छोड़ दो, वह हम उन गरीब परिवारों को देंगे, जो मेहनत करते हैं, लकड़ी का चूल्हा जलाते हैं। हमने बीड़ा उठाया है कि आने वाले 3 साल में 5 करोड़ गरीब परिवारों को गैस कनेक्शन देंगे। 11-12 महीनों में करीब 1 करोड़ से ज्यादा परिवारों में सिलेंडर पहुंचा दिए। सब्सिडी पहले जो बेचता था उसे जाती थी, हमने वो बंद करके, जिसके घर पर जाता है, उसे सब्सिडी दी जाती है। 3 करोड़ सब्सिडी के बोगस क्लाइंट थे, खातों में डायरेक्ट पैसा जाने की वजह से वो बच गया।

PM ने कहा कि खेती के सीजन में यूरिया पाना मुश्किल होता था, पिछले 2 साल से कहीं यूरिया की कमी नहीं है, कहीं कतारें नहीं है। हमने रातोंरात यूरिया के कारखाने नहीं लगाए, उत्पादन नहीं बढ़ाया सिर्फ यूरिया की नीम कोटिंग कर दी। नीम के पेड़ की फली निकलती है, उसका तेल डाल दिया। पहले यूरिया कैमिकल फैक्ट्री में चला जाता था। नीम कोटिंग के बाद यूरिया का एक ग्राम भी किसी और काम में नहीं लग पाता है। साथ ही नीम कोटिंग के कारण यूरिया की ताकत बढ़ गई, जो जमीन में सुधार लाता है। 5-7% तक प्रोडक्शन में बढ़ोतरी हुई।
मोदी ने कहा कि भारत इन दिनों टेक्नोलॉजी के सहारे तरक्की कर रहा है, स्पेस में नाम कर रहा है। दो दिन पहले 31 नैनो सेटेलाइट लॉन्च किए, पिछले साल 104 सेटेलाइट लॉन्च किया, दुनिया को अचम्भा हुआ। पिछले दिनों एक सेटेलाइट लॉन्च किया जो हाथियों के वजन के बराबर है। देश आधुनिक भारत के सपनों को पूरा करने के लिए एक टेक्नोलॉजी ड्रिवेन गवर्नमेंट, सोसाइटी, डेवलपमेंट पर नए सिरे से बल दिया जा रहा है और सुखद परिणाम तेज गति से नजर आ रहे हैं। हमारे देश में कोई सरकार अपने कार्यकाल को खराब करना नहीं चाहती है। लेकिन काम होना एक बात है और देश की जरूरत के हिसाब से तेज गति से सही दिशा में परिणाम के साथ काम होने में फर्क होता है।
PM ने कहा कि इन्फ्रास्ट्रक्चर सस्टेनेबल डेवलपमेंट के लिए बेहद जरूरी है। इसमें भी हमारी सोच 21वीं शताब्दी और ग्लोबल बेंचमार्क को लेकर है। काम होने के लिए हो, इससे नहीं चलने वाला। जब देश के सामान्य आदमी की उम्मीदें बढ़ती हैं और उसे सही लीडरशिप मिल जाए तो उम्मीदें कामयाबी में बदल जाती है। जनता की उम्मीदों को कामयाबी में बदलने के लिए हम जी-जान से कोशिश करते हैं, परिणाम मिलने लगा है।
PM ने कहा कि आज विश्व आतंकवाद से परेशान है। जब भारत आतंकवाद की बात बताता था तो कई देश के गले नहीं उतरता था। क्योंकि उन्होंने भुगता नहीं था, आज समझाने की जरूरत नहीं है, टेररिस्ट्स ने समझा दिया है। जब हिंदुस्तान सर्जिकल स्ट्राइक करता है तो दुनिया को ताकत का अहसास होता है कि हम संयम रखते हैं, लेकिन जरूरत पड़े तो हम अपने सामर्थ्य का परिचय भी दे सकते हैं। हम वैश्विक कानूनों से बंधे हुए हैं, हम वसुधैव कुटुम्बकम में विश्वास करते हैं। हम दुनिया के नियमों का पालन करते हुए अपनी अखंडता, सुरक्षा और आम आदमी की सुख-शांति के लिए कठोरतम कदम उठाने का सामर्थ्य रखते हैं। हम ऐसा जब जरूरत पड़ी करते रहे हैं और दुनिया हमें कभी भी रोक नहीं सकती। सर्जिकल स्ट्राइक एक ऐसी घटना थी कि दुनिया चाहती तो भारत को कठघरे में खड़ा कर देती, आलोचना होती। पहली बार इतने बड़े कदम पर किसी ने भी एक सवाल नहीं उठाया। जिन्हें भुगतना पड़ा उनकी बात अलग है। हम दुनिया को समझाने में सफल हुए हैं कि आतंकवाद का कौन सा रूप हमें परेशान कर रहा है।

PM ने कहा कि देश की सबसे बड़ी ताकत ह्यूमन रिसोर्स, प्राकृतिक संपदा है। हमारे पास 800 मिलियन युवा हैं, सपने जवान हैं और हमारे देश की सामर्थ्य में भी जवानी है। इसके साथ हमें FDI की दिशा में आगे बढ़ना है। आजादी के बाद जितना मिला उससे ज्यादा आज FDI आगे आ रहा है। दुनिया की हर एजेंसी भारत की ताकत को स्वीकार कर रहा है। पूरा विश्व इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन के रूप में भारत को देख रहा है। इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और टैलेंट की बहुत जरूरत है। विश्व में फैले हुए भारतीय समाज के पास ये सामर्थ्य है। ये भारत का बुद्धिधन,अनुभव धन जो विश्व में फैला है, मैं उन्हें निमंत्रण देता हूं कि अगर आपको लगे कि ये भारत के काम आ सकता है तो इससे उत्तम अवसर कभी नहीं आएगा।
PM ने कहा कि भारत के साथ आपका जुड़ना जरूरी है, निरंतर प्रयास जरूरी है। जिन राज्यों से आप आते हैं, उन राज्यों में अपने यहां अप्रवासी भारतीयों के लिए डिपार्टमेंट बनाए हैं, भारत सरकार ने भी भवन बनाया है। 3 साल में हमारे विदेश मंत्रालय ने मानवता की दृष्टि से नया मुकाम हासिल किया है। 80 हजार से ज्यादा हिंदुस्तानी दुनिया के किसी भी हिस्से में संकट में फंसे तो हमारी सरकार उन्हें उनके घर वापस ले आई। हर पल विदेश में रहते हुए भारतीय को लगता था कि उसे कुछ हो गया तो? 3 साल से वो निश्चिंत है, कि कुछ हो गया तो भारत सरकार की एम्बेसी है।
PM ने कहा कि हमने नीतियों में बड़े परिवर्तन किए हैं, 6-6 महीने में पासपोर्ट मिलता था आज 15 दिन में मिल जाता है। हर पोस्ट ऑफिस में पासपोर्ट ऑफिस खोल दिए हैं। सोशल मीडिया बहुत ताकत रखता है, मैं भी जुड़ा हुआ हूं। हमारी विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया की ताकत को दिखाया। आज विदेश मंत्रालय हिंदुस्तान के गरीब से गरीब आदमी से जुड़ गया है। रात के 2 बजे भी अगर दुनिया के किसी हिस्से में कोई मुसीबत में हो तो 15 मिनट में सुषमा जी जवाब देती हैं और 24 घंटे के अंदर उस पर एक्शन लिया जाता है। तीन साल बेमिसाल रहे हैं। आने वाला हर पल देश को ऊंचे मुकाम पर ले जाने के लिए खपाते रहेंगे। आपका बहुत धन्यवाद।’
PM मोदी के हॉल में पहुंचने से पहले और स्पीच के दौरान कई बार लोगों ने मोदी-मोदी के नारे लगाए। नमामि गंगे प्रोजेक्ट का प्रजेंटेशन भी दिखाया गया।

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