भारत द्वारा दो- दो सर्जिकल स्ट्राइक झेलने, सार्क में अलग- थलग पड़ने के बाद मुस्लिम राष्ट्रों के सम्मेलन में नवाज को बोलने तक का मौका नहीं मिला और अब अमेरिका द्वारा आर्थिक मदद में बड़ी कटौती करने की तैयारी के बाद वो भीख मांगने की कगार पर आ रहा हैl
सऊदी अरब में मुस्लिम राष्ट्रों के सम्मेलन में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को बोलने का मौका तक नहीं दिया गयाl तमाम प्रयासों के बावजूद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शरीफ से मुलाकात नहीं कीl इस वजह से शरीफ अपने देश में ही चारों ओर से मजाक के पात्र बन गये हैंl
अमेरिका से पाकिस्तान को मिल रही आर्थिक मदद में बड़ी कटौती होने जा रही हैl अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की सरकार ने पाकिस्तान को आर्थिक मोर्च पर बड़ा झटका देते हुए अपनी संसद में प्रस्ताव दिया है कि जो आर्थिक मदद अब तक अमेरिका से पाकिस्तान को मिल रही थी, उसे उधार समझा जाएl यही नहीं अमेरिका पाकिस्तान को मदद के रूप में मिलने वाले पैसों में भी भारी कटौती करने की तैयारी में हैl भारत को बंदरघुड़की देने और अमेरिका तथा चीन के टुकड़ों पर पलने वाले पाकिस्तान के लिए आने वाले दिन इतने मुश्किल भरे हैं कि वो भीख मांगने की कगार पर आ जाएगाl पिछले साल अमेरिका ने पाकिस्तान को करीब 35 अरब रुपये की मदद दी थीl इसमें से लगभग 15 अरब रुपये सैनिक मदद थी, ताकि वो आतंकियों से लड़ने के लिए सेना को हथियार दे सके। अब अमेरिका ने ये मदद घटाकर सिर्फ 22 अरब 26 करोड़ करने का प्रस्ताव दिया हैl इसमें मात्र 6 अरब 47 करोड़ ही सेना के लिए मिलेंगे, वो भी कर्ज के तौर पर मिलेंगे खैरात नहींl
सऊदी अरब में इस्लामिक समिट का आयोजन किया गया थाl जिसमें पहली बार अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप पहुंचे थेl सम्मेलन में पाकिस्तान समेत कई छोटे- बड़े मुस्लिम देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल हुएl नवाज शरीफ ट्रंप के सामने अपनी आतंक विरोधी झूठी नीतियों की शेखी बघारना चाहते थेl वहां नवाज को बोलने का मौका ही नहीं दिया गयाl डॉनल्ड ट्रंप ने भी बड़ा झटका देते हुए नवाज से कोई बात नहीं कीl जिसके बाद नवाज का पाकिस्तान में ही मजाक उड़ाया जा रहा है।
पठानकोट आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया के सामने इस बात का दावा किया था कि पाकिस्तान को भारत सबके सामने दरकिनार कर देगाl उधर पाकिस्तान चीन के साथ अपने आर्थिक कॉरिडोर का हवाला देकर रटता रहा कि भारत अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो सकता लेकिन जिस तरह से सऊदी अरब में नवाज का तिरस्कार हुआ और अमेरिका ने आर्थिक मदद में कटौती की है, यह भारत को बड़ी कूटनीतिक जीत मानी जाएगीl

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