दिल्ली के पूर्व जल मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि मंत्री सत्येंद्र जैन ने अरविंद केजरीवाल को परसों (5 मई) 2 करोड़ रुपए नकद दिए, मैंने अपनी आंखों से देखा। राजघाट पर महात्मा गांधी की समाधि पर दर्शन करने के बाद उन्होंने बाहर आकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बात कही।
इससे पहले मिश्रा ने एलजी अनिल बैजल से मुलाकात की और मिलने के बाद ट्वीट किया- चुप रहना असंभव था, एलजी को सब बता दिया। मैंने उन्हें गलत तरीके से पैसे लेते देखा।
कपिल मिश्रा ने इसके पूर्व कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को समाधि पर आया, यहां आकर ऊर्जा मिलती है। आम आदमी पार्टी हमारी पार्टी है। इसके लिए लाठी-डंडे खाए हैं, कभी इसे छोड़कर नहीं जाएंगे। कुछ गंदगी आ गई है उसे बाहर करना है। आम आदमी पार्टी हमारी, कार्यकर्ताओं की पार्टी है। नौकरी छोड़कर पार्टी में आया था। यह मेरी पार्टी है, न मुझे कोई बाहर नहीं निकाल सकता है और न मैं इसे छोड़ूंगा। हमारी पार्टी और सरकार में कुछ भ्रष्टाचारी आ गए हैं, उन्हें उखाड़ फेंकना है।
मिश्रा ने कहा कि मैंने शीला दीक्षित के खिलाफ वाटर टैंकर घोटाले की रिपोर्ट तैयार की थी। उसके बाद क्या हुआ ये सबने देखा। ऐसा नहीं है कि मैं मंत्री पद से हटने के बाद बोल रहा हूं। बोलने के बाद मुझे हटाया गया है। हम गड़बड़ी के मामलों की शिकायतों के लिए केजरीवाल पर भरोसा करते थे। चाहे रिश्तेदारों को पद देने, मनी लॉन्ड्रिंग और फंड में गड़बड़ी के आरोप हों। शुक्रवार को मैंने सत्येंद्र जैन को 2 करोड़ रुपए कैश केजरीवाल को उनके घर पर देते हुए देखा था। वो किसका पैसा था, बताएं ये कहां से आया। अपनी आंखों से कैश लेनदेन देखने के बाद मेरा चुप रहना मुमकिन नहीं था। भले ही पद और प्राण चले जाएं।
मिश्रा ने कहा कि मैं एलजी को ऑन रिकॉर्ड बयान देकर आया हूं और अब एसीबी, सीबीआई सबको बताऊंगा। सत्येंद्र जैन के बारे में पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए। आखिर अरविंद केजरीवाल उन्हें बार-बार क्यों बचाते रहे हैं?
इसके पूर्व कपिल ने ट्वीट किया था कि- “उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले किसी बड़ी साजिश की तैयारी चल रही है। आप के कई नेताओं और विधायकों को सीधे अरविंद केजरीवाल फोन कर रहे हैं। ना रुकेंगे, ना झुकेंगे।”
कपिल मिश्रा ने ट्वीट में लिखा- “मीडिया को फोन करके कहा जा रहा है कि मैं अरविंद केजरीवाल से मिला ही नही। CM हाउस के CCTV कैमरे की रिकॉर्डिंग पब्लिक कीजिए।”
मंत्री पद हटाए जाने से पहले मिश्रा ने ट्वीट किया था- भ्रष्टाचार के खिलाफ खुली जंग कल सुबह। मैंने आज केजरीवाल को भ्रष्टाचार से जुड़े अहम सबूत दिए हैं। मिश्रा करावल नगर सीट से विधायक हैं और कुमार विश्वास के करीबी माने जाते हैं। एमसीडी इलेक्शन में हार पर कपिल ने कहा था कि हार के लिए ईवीएम को दोषी ठहराना गलत है।
एक अन्य ट्वीट में कपिल ने लिखा- ‘मैं अकेला मंत्री रहा, जिस पर भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं लगा, न कभी मेरे खिलाफ सीबीआई जांच बैठी। किसी बेटी-रिश्तेदार को पद नहीं दिया। सिर्फ शीला दीक्षित का भ्रष्टाचार उजागर कियाl
शनिवार को कुमार विश्वास भोपाल में थे। विश्वास ने कहा कि उन्हें व्यक्ति पूजा बिल्कुल पसंद नहीं है, फिर चाहे वो कोई भी हो। उन्हें पार्टी सुप्रीमो शब्द से भी नफरत है। मैंने तय कर रखा है कि कोई पद नहीं लूंगा। कपिल मिश्रा को मंत्री से हटाने पर विश्वास ने तल्खी दिखाते हुए एक शेर कहा- अगर तू दोस्त है तो फिर ये खंजर क्यूं है हाथों में, अगर दुश्मन है तो आखिर मेरा सर क्यूं नहीं जाता?”
कुमार विश्वास ने कहा कि- सत्ता के किसी घड़े का बूंद भर जल भी नहीं चखा इसलिए अभी तक जंतर-मंतर की आग बाकी है। साथियो आश्वस्त रहो। देश और कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाता हूं कि हम भ्रष्टाचार के खिलाफ अंदर और बाहर आवाज उठाना जारी रखेंगे, परिणाम चाहे कुछ भी हो। भारत माता की जय।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा की ये कपिल मिश्रा के आरोप नहीं बल्कि गवाही हैl उधर दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने जांच पूरी होने तक अरविंद केजरीवाल द्वारा मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की मांग कीl

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