संसद में व्यवधान से विपक्ष का नुकसान : प्रणब मुखर्जी

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पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने संसद में व्यवधान पैदा करने को देश के लोगों के साथ धोखाधड़ी बताते हुए कहा कि लोगों से वोट मांगे बिना कोई भी संसद में नहीं आता है और यहां आकर संसद को बाधित करना सही नहीं है.
पूर्व राष्ट्रपति ने कांग्रेस नेता पी.चिदंबरम की किताब ‘स्पीकिंग ट्रुथ टु पॉवर’ के विमोचन पर कहा कि मेरी इस बात से बहुत से लोग असहमत होंगे लेकिन यही सच्चाई है. संसद की कार्यवाही में व्यवधान उत्पन्न करना सही नहीं है. संसद के कामकाज में व्यवधान उत्पन्न करना देश के लोगों के प्रति किए वादे से धोखा है. मुखर्जी ने कहा कि जब मुझे इस किताब के उद्घाटन के लिए बुलाया गया तो मैं चौंक गया था.
साथ ही मुखर्जी ने कहा है कि कांग्रेस के वित्त मंत्रियों और अर्थशास्त्रियों ने देश की अर्थव्यवस्था बदलने में महतवपूर्ण योगदान दिया है.उन्होंने कहा कि पी. चिदंबरम, डा० मनमोहन सिंह और मोंटेक सिंह अहलुवालिया भारत की अर्थव्यवस्था को संवारने वाले तीन वास्तुकार हैं. मुखर्जी ने कहा कि चिदंबरम ने मौजूदा समय में प्रोफेशनल तरीके से हिंसा, धीमी विकास गति और बेरोजगारी के लक्षणों की पहचान करने का साहसपूर्ण काम चिदंबरम ने किया है.
संसद के बजट सत्र में हंगामे के पुरे आसार दिखाई दे रहे हैं. कई मुद्दों पर विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में हैं. उधर हर बार संसद में हो रहे हंगामे को देखते हुए देश के पूर्व राष्ट्रपति का गुरुवार को संसद में आम बजट पेश होने के पूर्व दिए गये बयान ने फिर से सियासी तूफान खड़ा कर दिया है.
अपनी किताब के उद्घाटन के मौके पर चिदंबरम ने कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता और सहनशीलता के मामले में भारत नीचे से चौथे नंबर पर है. उन्होंने कहा कि अगर सच नहीं बोला गया तो यह अपने पूर्वजों के साथ धोखा होगा.

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