ऑरेंज सिटी के नाम से मशहूर नागपुर शहर अब देश का पहला ऐसा शहर बन गया है, जहां 200 इलेक्ट्रिक व्हीकल का इस्तेमाल पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए किया जाएगा. इसमें टैक्सी, बस, ई-रिक्शा और ऑटोरिक्शा तक शामिल है. इन इलेक्ट्रानिक व्हीकल्स के संचालन का जिम्मा ओला के पास होगा.
सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र सीएम देवेंद्र फड़नवीस ने नागपुर एयरपोर्ट कॉम्पलेक्स में ‘मल्टी मॉडल इलेक्ट्रिक व्हीकल’ प्रोज़ेक्ट का उद्धाटन किया. इस मौके पर गडकरी ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों के आने से परिवहन क्षेत्र में काफ़ी बदलाव आएगा. गडकरी ने कहा कि अगर इलेक्ट्रानिक व्हीकल का ये मॉडल सफ़ल रहता है तो इसे देश के दूसरे हिस्से में भी लाया जाएगा और इस योजना को सफ़ल बनाने के लिए सरकार हर संभव मदद करेगी. इन वाहनों से लागतों में कमी आएगी, साथ ही प्रदूषण भी काबू में किया जा सकेगा.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कहा कि उनकी सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल को बढ़ावा देने के लिए परिवहन संबंधित टैक्सों में छूट देगी. नागपुर ने शानदार पहल की शुरुआत की है. इससे पहले भारत के किसी भी शहर में इतने बड़े पैमाने में इलेक्ट्रिक वाहनों का प्रयोग नहीं किया गया है. नागपुर में इन इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 50 जगहों पर चार्जिंग स्टेशन बनाए गए हैं. इसके अलावा इथनॉल और दूसरे फ्यूल्स को भी विकल्प के रुप में उपयोग किए जाने पर रिसर्च जारी है.
ओला के सीईओ भाविज अग्रवाल ने कहा कि ये मॉडल देश के विकास के लिए काफ़ी सहायक है. हम इस मिशन को कामयाब बनाने के लिए भरपूर कोशिश करेंगे. ओला ने इसके लिए 50 करोड़ रुपये का इवेंस्टमेंट किया है. 200 इलेक्ट्रिक वीइकल्स में से 100 महिंद्रा की इलेक्ट्रिक कार ई2ओ प्लस है. इसके अलावा टाटा, काइनेटिक, बीवाईडी व टीवीएस कंपनियों के वीइकल्स को भी शामिल किया गया है.

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