शहीद नसीर के जनाजे में शामिल हुए सैकड़ों मुस्लिम, सभी ने कहा: इस गाँव के हर घर से निकलेगा एक सैनिक

 101 

जम्मू-कश्मीर के राजौरी सेक्टर में पाकिस्तानी सेना की फायरिंग में शहीद हुए भारतीय सेना के जवान मोहम्मद नसीर कश्मीरियों के लिए मिसाल बन गए हैं।
जम्मू के रहने वाले मोहम्मद नसीर ने देश की रक्षा करते हुए जान दे दी। आज उनके पूरे गांव को उनकी शहादत पर नाज है। शायद यही वजह है कि इस बहादुर सैनिक के जनाजे में हजारों की संख्या मुसलमान शामिल हुए। इससे पहले ऐसा नजारा घाटी में किसी आतंकी के मरने पर देखा जाता रहा है।
नसीर के पता को जहां अपने बेटे की शहादत पर गर्व है, वहीं उनके गांव वालों की नजर में शहीद नसीर और उनके परिवार के लिए सम्मान बहुत अधिक बढ़ चुका है। गांव वालों का कहना है कि आज तक हमने सिर्फ तिरंगा लहराया है, लेकिन गांव के बेटे का शव आज जब तिरंगे में लिपटकर आया तो हर किसी की आंख से आंसू छलक पड़े। इन आसुंओं में दुख के साथ-साथ नसीर के लिए सम्मान भी था, जिसने देश की रक्षा के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी।

इससे पहले नसीर के पिता ने कहा था कि उनका बेटा जब तिरंगे में लिपट कर आया तो उनका सीना गर्व से चौड़ा हो गया। नसीर के पिता का कहना है कि हमें पाकिस्तान से जीत हासिल करनी है, इसके लिए चाहे कुछ भी करना पड़े हम सब तैयार हैं। उन्होंने आगे कहा कि अपने बेटे के जाने से उन्हें गम तो है, लेकिन इस बात की बेहद खुशी है कि देश की रक्षा में वह शहीद हुआ। अगर मेरे और बेटे होते तो मैं उन्हें भी भारत देश की रक्षा में लगा देता।
नसीर के जनाजे में शामिल हुए एक स्थानीय ग्रामीण मो. हामिद ने कहा कि हमारे गांव से बहुत कम लोग ही सेना में जाते थे, लेकिन नसीर ने देश के लिए जो कुर्बानी दी है उसे देखकर अब गांव के बाकी लोग भी अपने बच्चों को फौज में भेजना चाहते हैं। एक अन्य ग्रामीण सादिक ने कहा कि मेरा बेटा भी सेना में भर्ती होना चाहता था, हमने उसे कुछ कारणों से सेना में जाने नहीं दिया। लेकिन, नसीर की शहादत के बाद अब हम अपने बेटे को फौज में जाने से नहीं रोकेंगे। आपको बता दें कि कारकुंडी इलाके में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी गोलाबारी में लांस नायक मोहम्मद नसीर शहीद हो गए। हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए Pileekhabar के Facebook पेज को लाइक करें

loading…


Loading…



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *