शरद यादव पर वार; भ्रष्टाचार के संरक्षण के लिए नहीं मिला था जनादेश : सुशील मोदी

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भाजपा के वरिष्ठ नेता सह उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने जदयू के वरिष्ठ नेता शरद यादव पर लालू परिवार का समर्थन किये जाने को लेकर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बिहार की जनता ने 2015 में महागठबंधन को भ्रष्टाचार के खात्मे, विकास और सुशासन लाने तथा भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर जनादेश मिला था. नीतीश कुमार ने भ्रष्टाचार से समझौता नहीं करके बढ़िया काम किया और आज बिहार की जनता नीतीश कुमार के इस निर्णय से खुश हैं.
सुशील मोदी ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू हुए जेपी आंदोलन से अपनी राजनीति की शुरूआत करने वाले शरद यादव आज लालू परिवार के भ्रष्टाचार का समर्थन कर रहे हैं. जनादेश के अपमान की बात करनेवाले शरद यादव बताएं कि जब उन पर हवाला कांड का आरोप लगा था, तो उन्होंने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा क्यों नहीं दे दिया था? क्या बिहार की जनता ने एक परिवार की अकूत बेनामी संपत्ति और भ्रष्टाचार के संरक्षण के लिए अपना मत दिया था?


उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जनादेश अपमान यात्रा पर निकले तेजस्वी यादव से शरद यादव को पूछना चाहिए कि 26 वर्ष की उम्र में 26 बेनामी संपत्ति के वो मालिक कैसे बन गये? तेजस्वी यादव में अगर हिम्मत है, तो गांधी की मूर्ति के सामने बैठ कर इस बात के लिए प्रायश्चित करें कि उनके पिता ने उन्हें अपने भ्रष्टाचार के दलदल में किस तरह से फंसा दिया है? तेजस्वी को तो इसलिए भी क्षमा मांगनी चाहिए कि इतनी कम उम्र में भ्रष्टाचार के जरिये वे अकूत बेनामी संपत्ति के कैसे मालिक बन गये?
सुशील मोदी ने कहा कि शरद यादव को तेजस्वी यादव से यह भी पूछना चाहिए कि आखिर पटना में 200 करोड़ की तीन एकड़ जमीन उन्हें कैसे मिली, जिस पर उनका 750 करोड़ का मॉल बन रहा था? दिल्ली की न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में 115 करोड़ के बंगला के वे मालिक कैसे बने? कई खोखा कंपनियों के मालिक कैसे बन गये? कई राजनेताओं ने अपनी करोड़ों की संपत्ति उन्हें ही दान में क्यों दी? दरअसल जनादेश का अपमान तो भ्रष्टाचार का समर्थन-संरक्षण कर राजद और कांग्रेस कर रही है.

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