शरद यादव, अली अनवर नाराज : JDU के दो फाड़ की आशंका

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बिहार की राजनीति ने चंद घंटों में जो रंग दिखाया उससे कई के चेहरे अबीर- गुलाल से तो कई के चेहरे गुस्से से लाल हैं. सभी अपने लाभ- हानी के तराजू पर इस नये घटनाक्रम को तौल रहे हैं.
भाजपा के साथ सरकार बनाने के निर्णय पर जदयू के वरिष्ट नेता और पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव तथा जदयू सांसद अली अनवर की नाराजगी खुलकर सामने आ गयी है.
नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव के के मुद्दे पर इस्तीफा देते हुए गठबंधन तोड़ा तो तुरंत भाजपा ने उन्हें समर्थन देने का ऐलान किया. गठबंधन टूटने और भाजपा के समर्थन से सरकार बनाने को लेकर जदयू में घमासान छिड़ गया है. जदयू के बड़े नेता शरद यादव और अली अनवर खुलकर विरोध में मुखर हो गए हैं.
दोनों नेता नीतीश कुमार द्वारा महागठबंधन तोड़ने और भाजपा के साथ जाने के फैसले से बेहद नाराज हैं. राष्ट्रपति के मुद्दे पर भी शरद विपक्ष के साझा उम्मीदवार का समर्थन करने के पक्ष में थे लेकिन नीतीश ने कोविंद के समर्थन का ऐलान कर उन्हें हास्यास्पद स्थिति में ला दिया था.
अली अनवर समेत पार्टी में एक गुट ऐसा है जो भाजपा के साथ जुगलबंदी को पचा नहीं पा रहा है. इस मामले को लेकर पार्टी में बवाल इतना बढ़ गया है कि जदयू के दो फाड़ की आशंका बन गयी है.


शरद यादव ने बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों के बीच आज कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की. शरद यादव ने शाम पांच बजे अपने आवास पर एक बैठक बुलायी है, जिसमें अली अनवर, वीरेंद्र कुमार व अन्य नेता शामिल होंगे.
सूत्रों के अनुसार महागठबंधन में शुरू हुए खींचतान के प्रारम्भिक क्षणों से ही शरद यादव लगातार लालू यादव से संपर्क में थे. पटना में जहाँ नीतीश कुमार और सुशील मोदी शपथ ले रहे थे, तो वहीं शरद यादव ट्विटर पर केंद्र सरकार को कोस रहे थे. शरद यादव ने ट्विटर पर लिखा कि- “फसल बीमा योजना केंद्र सरकार की विफल नीतियों में से एक है. फसल बीमा योजना का लाभ किसानों को नहीं मिल रहा, क्योंकि उन्हें इसके बारे में पता ही नहीं है. इसका फायदा इंश्योरेंस कंपनियों को मिल रहा है.
अली अनवर ने कहा कि मेरा मानना है कि जिस बात को लेकर हम BJP से अलग हुए थे वो कारण मौजूद हैं. BJP कट्टरता के मामले में और तेजी से आगे बढ़ रही है, देश में भय का माहौल है. यह बिहार का नहीं, देश का मसला है. मेरा जैसा आदमी हमेशा सांप्रदायिकता और कट्टरता के खिलाफ रहा है. नीतीश जी ने अपनी आत्मा की आवाज पर BJP के साथ जाने का फैसला किया, लेकिन मेरा जमीर इसकी इजाजत नहीं देता कि मैं उनके इस कदम का समर्थन करूं.
अली अनवर ने महागठबंधन से बाहर होने और BJP के साथ जाने के मामले को पार्टी फोरम में विस्तार से बात करने पर अपनी राय रखने को कहा. उन्होंने लालू प्रसाद से कोई बातचीत होने के मसले पर कहा कि मेरी किसी से कोई बात नहीं हुई है, मैं किसी गुटबाजी में नहीं रहता. सूत्रों के अनुसार जदयू सांसद वीरेंद्र कुमार ने भी BJP के साथ सरकार बनाने के फैसले पर नाराजगी जताई है और कुछ विधायक भी इस फैसले से नाराज हैं. जदयू के लगभग डेढ़ दर्जन विधायक इन नेताओं के लगातार सम्पर्क में हैं.,लेकिन अभी तक कोई खुलकर सामने नहीं आया है.

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