अमेरिकी प्रतिबंध का सामना कर रहे वेनेजुएला ने भारत के सामने प्रस्ताव रखा है कि अभी हो रहे तेल आयात का पेमेंट रुपये में किया जाए, भारत इस प्रस्ताव पर विचार कर रहा है.
अमेरिका ने वेनेजुएला की तेल से होने वाली कमाई रोकने और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पद छोड़ने के लिए मजबूर करने के लिए कई प्रतिबंध लगाए हैं. यही नहीं जनवरी में ही अमेरिका ने वेनेजुएला के विपक्षी नेता जुआन गुआइदो को वहां के राष्ट्रपति के रूप में मान्यता दे दी है. अब अमेरिका उस पर नए वित्तीय प्रतिबंध लगाने पर भी विचार कर रहा है ताकि अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था से इस लैटिन अमेरिकी देश का संपर्क कट जाए.
प्रतिबंधों के अनुसार अमेरिकी कंपनियां वेनेजुएला से कोई कारोबार नहीं कर सकती हैं. फ़िलहाल भारत और अन्य देशों के आयातकों को प्रतिबंध के दायरे में नहीं रखा गया है. हालांकि, अमेरिका भारत पर दबाव बढ़ा रहा है कि वेनेजुएला से आयात रोक दिया जाए. इंटरनैशनल फाइनैंस सिस्टम से वेनेजुएला का संपर्क खत्म हो जाने पर भारतीय रिफाइनरी कंपनियों को या तो वहां से आयात रोकना पड़ेगा या पेमेंट को कोई दूसरा रास्ता खोजना पड़ेगा.
भारत भी अमेरिकी नियंत्रण वाले पेमेंट सिस्टम से बचना चाहता है. ज्ञात है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज और नायरा एनर्जी हर दिन करीब 3 लाख बैरल कच्चा तेल वेनेजुएला से आयात करती हैं. इंटरनैशनल फाइनैंस सिस्टम पर अमेरिकी प्रभाव को देखते हुए भारत में रिफाइनरी कंपनियों के लिए एकमात्र रास्ता भी यही है कि वे पेमेंट रुपये में करें.
वेनेजुएला से आए प्रस्ताव और भारत की रिफाइनरी कंपनियों के सुझाव को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक वैकल्पिक व्यवस्था बनाने का सुझाव भी दिया है, जिसमें पूरा पेमेंट रुपये में किया जाएगा. यह तरीका अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना कर रहे ईरान के मामले में अपनाए गए रास्ते जैस ही होगा. ईरान अभी भारत को रोज करीब 3 लाख बैरल कच्चा तेल देता है. रुपये में व्यापार होने से वेनेजुएला का तेल आयात करने वाले भारतीय खरीदारों के हितों की रक्षा होगी, लेकिन संभव है कि बिक्री के बदले दी गई अधिकांश राशी भारत में ही बिना किसी उपयोग के पड़ी रहे, क्योंकि दोनों देशों के बीच व्यापार असंतुलन काफी ज्यादा है.
भारत और वेनेजुएला के बीच 6 अरब डॉलर (करीब 420 अरब रुपये) का व्यापार होता है, इसमें से भारत से होने वाला एक्सपोर्ट महज एक प्रतिशत है. दोनों देश के बीच व्यापार में कच्चे तेल का आयात ही मुख्य है. वेनेजुएला भारत से दवाएं, खाने-पीने की चीजें और कपड़े आयात करता है, परन्तु उसके वित्तीय संकट में फंसने के बाद से यह निर्यात और भी घटा है.


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