गुरदासपुर से भाजपा सांसद और धाकड़ अभिनेता विनोद खन्ना की फिल्म ‘एक थी रानी ऐसी भी’ 21 अप्रैल को देश भर में रिलीज हुई है. यह फिल्म भाजपा की संस्थापक सदस्य और मध्यप्रदेश की दिवंगत नेता विजयाराजे सिंधिया की जीवनी पर आधारित है, जिसका ट्रेलर अमिताभ बच्चन ने लॉन्च किया था. फिल्म में अभिनेत्री एवं मथुरा लोकसभा सीट से भाजपा सांसद हेमा मालिनी (विजयाराजे सिंधिया की भूमिका में)के अलावा सचिन खेडेकर एवं राजेश शृंगारपुरे ने भी अहम किरदार अदा किया है. फिल्म मृदुला सिन्हा की किताब ‘राजपथ से लोकपथ पर’ आधारित हैl
उन्होंने अपने फ़िल्मी सफर की शुरूआत 1968 में पहली फिल्म मन का मीत से की जिसमें उन्होंने एक खलनायक का अभिनय किया था. इसके रिलीज होते ही उनके आगे पीछे निर्माताओं की कतार लग गई और तब मात्र एक हफ्ते में ही विनोद खन्ना ने 15 फिल्में साइन की थीं. फिल्मों में 30 वर्ष से भी ज्यादा समय के योगदान के लिए उन्हें 1999 में फिल्मफेयर के लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया था.
विनोद खन्ना के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विटर के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए लिखा- एक मशहूर कलाकार, प्रतिबद्ध नेता और बेहतरीन इंसान के तौर पर मैं विनोद खन्ना को हमेशा याद रखूंगा. उनके निधन से गहरा दुख पहुंचा है. मेरी श्रद्धांजलि.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने कहा कि विनोद खन्ना जी हमेशा फ़िल्म इंडस्ट्री और राजनीति को दिए योगदान की वजह से जाने जाएंगे.
हेमामालिनी ने कहा कि हमने आखिरी फिल्म साथ में की थी, उस वक्त वह ठीक दिख रहे थे, मेरे लिए बहुत दुखद क्षण.
बहुप्रतिक्षित फिल्‍म ‘बाहुबली’ का प्रीमियर विनोद खन्‍ना के निधन पर दुख जताते हुए रद्द कर दिया गया है. निर्देशक एस राजामौली की यह फिल्‍म शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है. गुरुवार को इस फिल्‍म का एक भव्‍य प्रीमियर मुंबई में आयोजित होने वाला था जिसमें इस फिल्‍म की पूरी कास्‍ट समेत बॉलीवुड इंडस्‍ट्री के कई दिग्‍गज शामिल होने वाले थे. जिसकी तैयारी काफी समय से चल रही थी और उम्‍मीद की जा रही थी कि इस फिल्‍म का प्रीमियर, हॉलीवुड फिल्‍मों के प्रीमियर को टक्‍कर देने वाला होगा.
विनोद खन्ना ने 1968 में मन का मीत, 1969 में नतीजा, 1970 में मस्ताना, आन मिलो सजना, सच्चा झूठा, पूरब और पश्चिम, 1971 में हम तुम और वो, जाने अनजाने, प्रीतम, रखवाला, रेशमा और शेरा, मेरा गाँव मेरा देश, हंगामा, मेमसाब, मेरे अपने, एलान, दोस्त और दुश्मन, 1972 में परछाइयाँ, एक बेचारा, एक हसीना दो दीवाने, एक खिलाड़ी बावन पत्ते, परिचय, सब का साथी, दो यार, 1973 में गद्दार, धमकी, अनोखी अदा, प्यार का रिश्ता, पाँच दुश्मन, कच्चे धागे, अचानक, 1974 में कुँवारा बाप, फ़रेबी, चौकीदार, पत्थर और पायल, इम्तहान, हाथ की सफाई, 1975 में कैद, प्रेम कहानी, सेवक, ज़मीर, 1976 में लगाम, नहले पे दहला, हेरा फेरी, शंकर शंभु, शक, 1977 में चोर सिपाही, महा बदमाश, आधा दिन आधी रात, जलियाँ वाला बाग़, परवरिश, खून पसीना, अमर अकबर एन्थोनी, इंकार, आप की खातिर, हत्यारा, 1978 में मुकद्दर का सिकन्दर, डाकू और जवान, आखिरी डाकू, मैं तुलसी तेरे आँगन की, खून का बदला खून, खून की पुकार, 1979 में युवराज, मीरा, दो शिकारी, लहू के दो रंग, सरकारी मेहमान, 1980 में द बर्निंग ट्रेन, ज़ालिम, कुर्बानी, बॉम्बे 405 मील, गरम खून, 1981 में कुदरत, जय यात्रा, एक और एक ग्यारह, खुदा कसम, 1982 में दौलत, राज महल, ताकत, राजपूत, इंसान, 1983 में दौलत के दुश्मन, 1985 में सत्यमेव जयते, 1987 में इंसाफ, 1988 में दयावान, फ़ैसला, रिहाई, आखिरी अदालत, 1989 में महादेव, उस्ताद, सूर्या, बटवारा, चाँदनी, 1990 में महासंग्राम, सी आई डी, पत्थर के इंसान, ज़ुर्म, लेकिन, मुकद्दर का बादशाह, 1991 में फरिश्ते, धर्म संकट, खून का कर्ज़, 1992 में वक्त का बादशाह, पुलिस और मुज़रिम, हमशक्ल, परंपरा, निश्चय, 1993 में इंसानियत के देवता, क्षत्रिय, 1994 में इक्का राजा रानी, प्यार का रोग, ईना मीना डीका, 1995 में जनम कुंडली, हलचल, 1996 में मुकदमा, 1997 में दस, ढाल, हिमालय पुत्र, 2001 में दीवानापन, 2002 में क्रांति, लीला, 2005 में पहचान, 2007 में चूड़ियाँ, रिस्क आदि फिल्मों में अपने अभिनय का परचम फहराया.

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