चारा घोटाला मामले में आरजेडी चीफ लालू प्रसाद यादव को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगने के बाद बिहार की सियासत गरमा गई है। पिछले कई दिनों से लालू परिवार पर बेनामी संपत्ति रखने के आरोप लगाने वाले बीजेपी नेता और सूबे के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने नीतीश कुमार के सामने समर्थन की गुगली फेंकी है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मोदी ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में कहा कि अगर नीतीश कुमार लालू यादव का साथ छोड़ दें तो बीजेपी जेडीयू को समर्थन देने पर विचार करेगी।
दूसरी तरफ जेडीयू ने सुशील मोदी के बयान को गुमराह करने वाला बताया है। जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता के.सी. त्यागी ने कहा कि बिहार का जनादेश सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने 5 साल के लिए महागठबंधन को चुना है। त्यागी ने कहा कि सुशील मोदी गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। दरअसल यूपी विधानसभा चुनाव के बाद से ही सियासी गलियारों में ऐसी अटकलें लग रही हैं कि नीतीश कुमार और लालू यादव का साथ एक बार फिर टूट सकता है। हालांकि हर बार जेडीयू ने इन अटकलों को महज अफवाह बताकर खारिज किया है। लालू परिवार पर बेनामी संपत्ति रखने के सुशील मोदी के आरोपों को लेकर भी जेडीयू और आरजेडी के रिश्तों में तब तल्खी देखने को मिली जब जेडीयू की तरफ से बयान आया कि इन आरोपों पर सफाई वे लोग दें जिन पर आरोप लगाए जा रहे हैं। इस पर आरजेडी ने नाखुशी जाहिर कर गठबंधन धर्म की दुहाई दी थी। लालू प्रसाद यादव इस समय मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। जेल में बंद माफिया डॉन शहाबुद्दीन के साथ लालू यादव की बातचीत का कथित ऑडियो सामने आने के बाद बीजेपी उन पर पहले से हमलावर है। कथित ऑडियो टेप में शहाबुद्दीन सीवान के एसपी की लालू से शिकायत करते सुने जा रहे हैं। ऐसे में चारा घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला लालू की मुश्किलों को और बढ़ा सकता है। बीजेपी इसी मौके का फायदा उठाने की फिराक में है। सुशील मोदी के बयान को नीतीश कुमार पर डोरा डालने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की दलील को स्वीकार करते हुए आदेश दिया कि चारा घोटाला मामले में लालू को आपराधिक साजिश के चार्ज का भी सामना करना पड़ेगा। अब आरजेडी चीफ के खिलाफ चारा घोटाले से जुड़े अलग-अलग केस चलते रहेंगे। दरअसल झारखंड हाई कोर्ट ने लालू यादव के खिलाफ आपराधिक साजिश के चार्ज को ड्रॉप कर दिया था जिसे सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। चारा घोटाला मामले में लालू के खिलाफ कुल 6 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से एक में उन्हें निचली अदालत से 5 साल की सजा हो चुकी है और मामला हाई कोर्ट में पेंडिंग है।

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