राहुल- नीतीश मुलाकात : तेजस्वी का कैबिनेट में बने रहना ठीक नहीं!

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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और जदयू के वरिष्ठ नेता शरद यादव से उनके आवास पर मुलाकात की. सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार से कोई समझौता नहीं करने और पूर्व में आरोप लगने पर मंत्रियों को हटाने की कार्रवाई का उदाहरण देते हुए उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव पर भ्रष्टाचार के लगे आरोपों की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस को राजद से बातचीत करने को कहा.
राष्ट्रपति चुनाव में जदयू द्वारा एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को समर्थन देने के फैसले से कांग्रेस और जदयू के रिश्ते में आयी तल्खी के बाद राहुल गांधी ने विदेश से लौटने के बाद नीतीश कुमार से फोन पर बातचीत कर उनसे मुलाकात की इच्छा जतायी थी. CBI की कार्रवाई के बाद महागठबंधन के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गयी. हाँलाकि CBI द्वारा लालू प्रसाद, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव पर FIR दर्ज करने के बाद से नीतीश कुमार ने स्वयं अब तक इस मसले पर कुछ नहीं बोला है.
उपराष्ट्रपति के चुनाव में जदयू द्वारा विपक्ष के उम्मीदवार गोपाल कृष्ण गांधी को अपना समर्थन देने के फैसले के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नीतीश कुमार को फोन कर धन्यवाद देने के साथ ही महागठबंधन में जारी तनाव को दूर करने की पहल की थी. अगर बिहार में महागठबंधन में टूट होती है, तो 2019 के चुनाव में इसका सीधा फायदा भाजपा को होगा. इसे देखते हुए कांग्रेस बिहार में जदयू और राजद के बीच तनातनी को दूर करने की हर संभव कोशिश में लगी हुई है.
सूत्रों के अनुसार जदयू के अंदर भी महागठबंधन को लेकर एकमत नहीं है. वरिष्ट नेता शरद यादव फिलहाल गठबंधन तोड़ने के पक्ष में नहीं हैं. उनका मानना है कि सभी दल इसे बचाने में सहयोग करें. उन्होंने कहा कि सभी दलों को आपसी सहयोग कर गठबंधन को बचाए रखना होगा, मैं चाहता हूं की ये महागठबंधन चलता रहे.


इस मुद्दे पर जदयू के महासचिव केसी त्यागी ने कहा कि पार्टी फोरम में सभी मुद्दों पर बातचीत हो चुकी है और महागठबंधन को बचाने की जिम्मेदारी जदयू सहित सभी घटक दलों की है. जदयू नेता राजीव रंजन ने कहा कि भ्रष्टाचार को लेकर पार्टी का रुख सभी जानते हैं, ऐसे में राजद को फैसला लेना ही होगा.
महागठबंधन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी अपने चरम पर पहुंच चुकी है. जदयू बार- बार राजद को चेतावनी दे रही है, तो राजद उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को न हटाने की बात पर अड़ी हुयी है. राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने जदयू पर भाजपा की भाषा बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि राजद विधायकों ने तय किया है कि तेजस्वी पद पर बने रहेंगे. वो अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे.
दिल्ली में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात कर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महागठबंधन सरकार के भविष्य को लेकर बातचीत की है और माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को बनाए रखने या नहीं रखने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई. राहुल और नीतीश के बीच बिहार में जदयू, राजद और कांग्रेस के गठबंधन की सरकार को बचाए रखने और मजबूती देने के लिए कुछ फार्मूलों और विकल्पों पर चर्चा हुई है. सूत्रों के अनुसार इस दौरान CM ने राहुल के सामने तेजस्वी को लेकर अपने रुख को स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के मुद्दे पर वह कोई समझौता नहीं कर सकते.
CM हाल ही बयानबाजी और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर आहत हैं. गठबंधन की सरकार चलाने के पक्षधर होते हुए भी हाल के घटनाक्रम में गठबंधन को जो नुकसान पहुंचा है उसे लेकर CM ने अपना स्टैंड कांग्रेस उपाध्यक्ष को बताया. कांग्रेस उपाध्यक्ष ने जल्द ही राजद नेता लालू प्रसाद यादव के साथ भी बात कर आए गतिरोध को दूर करने की बात कही.

CM ने गठबंधन की मजबूती का जिम्मा कांग्रेस पर छोड़ा है. वो चाहते हैं कि गठबंधन के नेता बैठकर संवाद बढ़ाएं ताकि भविष्य के बड़े राजनीतिक गोल को पूरा किया जा सके. बताया जाता है कि CM चाहते हैं कि कांग्रेस नेतृत्व विपक्षी पार्टियों को साथ लेकर इस मसले में आगे बढ़े.
गौरतलब है कि कांग्रस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी पिछले दिनों CM और राजद प्रमुख लालू यादव से फोन पर बातचीत कर बीच का रास्ता निकालने की कोशिश की थी. जदयू सूत्रों ने बताया कि पटना वापस लौटने के बाद नीतीश गठबंधन पर अंतिम फैसला लेंगे.
उधर भाजपा लगातार महागठबंधन की सरकार पर निशाना साध रही है. भाजपा ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मिलकर उनसे तेजस्वी को इस्तीफा देने को कहने का आग्रह करके अपना समय बर्बाद कर रहे हैं. पार्टी के वरिष्ट नेता पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ राजद और कांग्रेस से सदाचार की उम्मीद ही बेमानी है.
सुमो ने कहा कि राहुल गांधी भ्रष्टाचार के मामले में CBI की ओर से चार्जशीटेड हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से इस्तीफा नहीं ले सके तो वह तेजस्वी को इस्तीफा देने के लिए कैसे कह सकते हैं? अब तक जदयू ने एक बार भी यह नहीं कहा है कि तेजस्वी को राजनीतिक बदले की भावना से फंसाया गया है या राजद की ‘भाजपा भगाओ, देश बचाओ’ रैली के लिए CBI कार्रवाई कर रही है. इस तरह जदयू भी यह मान रही है कि तेजस्वी पर लगे आरोपो में दम है, इसीलिए जदयू के प्रवक्ता बार—बार तेजस्वी से आरोपों का बिन्दुवार जबाव मांग रहे हैं.
सुमो ने आरोप लगाया कि दरअसल CM उस दोराहे पर खड़े हैं जिसमें एक रास्ता नैतिकता तो दूसरा भ्रष्टाचारियों के संरक्षण की ओर जाता है. अब यह नीतीश कुमार को तय करना है कि उन्हें किस रास्ते पर आगे बढ़ना है. सुमो ने ‘धमकी’ देते हुए कहा है कि अगर मुख्यमंत्री ने दोनों को बर्खास्त नहीं किया तो 28 जुलाई से विधानसभा सत्र नहीं चलने देंगे. हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए Pileekhabar के Facebook पेज को लाइक करें

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