राहुल गांधी बोलते नहीं, गहरी हताशा में बिलखते हैं : भाजपा

 90 


भाजपा ने ‘साझा विरासत बचाओ’ सम्मेलन में दिए गए राहुल गांधी के बयानों पर ऐतराज जताते हुए कहा कि RSS पर राहुल गांधी का बयान सियासी रोना है, जो गहरी हताशा से उपजा है। राहुल गांधी बगैर होमवर्क के बोलते हैं, वे बोलते नहीं, बिलखते हैं। साथ ही इसे हारे और ‘डरे हुए’ लोगों का सम्मेलन करार दिया।
भाजपा नेता व केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सम्मेलन में सबसे ज्यादा आपत्तिजनक बयान राहुल ने दिया है कि “बीजेपी ज्यूडीशियरी और मीडिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।“ मैं उम्मीद करता हूं कि राहुल न्यायपालिका के खिलाफ ऐसे बयान नहीं देंगे। भारत का न्याय तंत्र स्वतंत्र है और हम सब इसका सम्मान करते हैं। मैं उनसे अपील करता हूं कि अपने पॉलिटिकल फ्रस्टेशन के चलते ज्यूडिशियरी को ना घसीटें। मैं इस गैरजिम्मेदाराना बयान की निंदा करता हूं। मोदी सरकार मीडिया की स्वतंत्रता की हिमायत करती है।
राहुल गांधी ने सम्मेलन में ज्यूडिशियरी बड़े शैक्षणिक संस्थानों के अलावा केंद्र के स्वच्छ भारत अभियान, RSS और मेक इन इंडिया को लेकर तीखे बयान दिए। उन्होंने कहा कि RSS देश के संविधान को बदलना चाहती है, इसके लिए वह देश के हर बड़े ऑर्गनाइजेशन में अपनी विचारधारा के लोगों को बैठा रही है।
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हम सत्ता में आए, क्योंकि जनता हमें लाना चाहती थी। हम उनकी फैमिली की वजह से सत्ता में नहीं आए। हम ऐसी बेकार की बहस का जवाब देना भी उचित नहीं समझते। राहुल ने कहा कि हमने उनके दबाव के चलते किसानों के कर्ज माफ करने का फैसला लिया, अगर यही मामला है तो जनता ने राहुल को वोट क्यों नहीं दिया।


प्रसाद ने कहा कि राहुल के बयानों से साफ है कि वो स्पीच नहीं दे रहे थे, बल्कि अपनी हताशा को बाहर निकाल रहे थे। मैं उनसे ये कहना चाहूंगा कि जनता ने पहले ही उन लोगों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है, जो देश को लूट रहे थे।
प्रसाद ने कहा कि भाजपा की ओर से मैं साझा विरासत के आयोजकों से पूछना चाहता हूँ कि केरल में माकपा के गुंडों द्वारा RSS कार्यकर्ताओं की निर्मम हत्या पर उनका क्या विचार है? क्या यह साझा संस्कृति का हिस्सा है? राहुल गांधी इन हत्याओं पर मौन क्यों हैं? असहिष्णुता के नाम पर अपने पुरस्कार लौटाने वाले तथाकथित बुद्धिजीवी कहां हैं?
उन्होंने कहा कि यह डरे हुए लोगों का गठबंधन है। वे मोदीजी से डरे हुए हैं। यह उन लोगों का गठबंधन है जो भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर चिंतित हैं और जिनके खिलाफ कार्रवाई हो रही है, इस गठबंधन का असली आधार यही है।
प्रसाद ने राहुल गांधी पर कांग्रेस पार्टी कार्यकर्ताओं में डर पैदा कर अलोकतांत्रिक तरीके से कांग्रेस का नेतृत्व करने का आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल ने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को धमकाया है। वह हमेशा चुनाव हार जाते हैं, फिर भी पार्टी का नेतृत्व करते हैं। लगातार हारने के बावजूद कोई भी उनके नेतृत्व पर प्रश्न नहीं उठा सकता, क्योंकि उन्होंने अपनी ही पार्टी के लोगों को डराया हुआ है।
प्रसाद ने जदयू के बागी नेता शरद यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि शरदजी ने JP (जयप्रकाश नारायण) के नेतृत्व में राजनीति शुरू की थी और उनकी पूरी की पूरी राजनीति कांग्रेस का विरोध करने पर आधारित रही, लेकिन, आज उन्हें राहुल गांधी के समक्ष बैठकर खुशी हो रही है।

हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए Pileekhabar के Facebook पेज को लाइक करें

loading…


Loading…



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *