जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ फारुक अब्दुल्ला ने कहा कि अयोध्या मुद्दे पर बैठकर हल निकाला जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि भगवान राम सारी दुनिया के हैं, सिर्फ हिंदुओं के नहीं. इसे कोर्ट में क्यों घसीटा जा रहा है. “भगवान राम से किसी को बैर नहीं है, न होना चाहिए. कोशिश करनी चाहिए सुलझाने की और बात बनाने की. जिस दिन यह हो जाएगा, मैं भी एक पत्थर लगाने जाऊंगा. जल्दी समाधान होना चाहिए.”
जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद का मामला सुप्रीम कोर्ट द्वारा नई बेंच में भेजने के फैसले के बाद जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ फारुक अब्दुल्ला ने कहा कि अयोध्या मुद्दे पर बैठकर हल निकाला जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि भगवान राम सारी दुनिया के हैं, सिर्फ हिंदुओं के नहीं. इसे कोर्ट में क्यों घसीटा जा रहा है. ‘इस मुद्दे (अयोध्या मु्ददे) पर चर्चा होनी चाहिए, और इसे बातचीत की मेज़ पर बैठकर लोगों द्वारा हल किया जाना चाहिए. इसे कोर्ट में क्यों घसीटा जाना चाहिए? ”
उन्होंने कहा कि- “भगवान राम से किसी को बैर नहीं है, न होना चाहिए. कोशिश करनी चाहिए सुलझाने की और बनाने की. मुझे भरोसा है कि इसे बातचीत से हल किया जा सकता है. इसका जल्दी समाधान होना चाहिए. भगवान राम सारी दुनिया के हैं, सिर्फ हिन्दुओं के नहीं. जिस दिन यह हो जाएगा, मैं भी एक पत्थर लगाने जाऊंगा.”
ज्ञात है कि आज सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले की सुनवाई के दौरान प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति एस के कौल की पीठ ने कहा, ‘एक उपयुक्त पीठ मामले की सुनवाई की तारीख तय करने के लिए 10 जनवरी को आगे के आदेश देगी.’ मामले की सुनवाई 40 सेकेंड भी नहीं चली.
राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामला सुप्रीम कोर्ट द्वारा नई बेंच के पास भेजने के बाद यूपी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर ने कहा कि राम मंदिर अयोध्या में नहीं बनेगा तो कहां बनेगा? भगवान राम के मंदिर को कौन नहीं चाहता है, चाहे वो हिंदू हो, मुस्लिम हो, सिख हो या इसाई हो हर व्यक्ति चाहता है कि राम मंदिर बने.



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