राम मंदिर निर्माण पर अध्यादेश लाये सरकार : RSS

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राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए अध्यादेश लाने या कानून बनाने की अपनी मांग को दोहराते हुए कहा कि देश की जनभावना का सम्मान करते हुए केंद्र सरकार को जमीन अधिग्रहण कर उसे राम मंदिर निर्माण के लिए सौंप देना चाहिए. साथ ही सरकार को इसके लिए कानून भी बनाना चाहिए.
RSS के सरकार्यवाह भैय्याजी जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार को यह अधिकार है की वह चाहे तो राम मंदिर निर्माण पर अध्यायदेश लाकर लोगों की वर्षों की इच्छा को पूरा कर सकती है.एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए भैय्याजी ने कहा कि भगवान राम हर जगह हैं, कोई इस बात को माने या फिर न माने. सुप्रीम कोर्ट द्वारा मामले की सुनवाई टालने के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि दिवाली तक इस पर फैसला आ जाएगा और 2018 की दिवाली से राम मंदिर निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा. उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण मामले में कोर्ट को हिंदू पक्ष की भावनाओं को समझना चाहिए.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पिछले 6 सालों में देशभर में संघ के कार्यों में तेजी आई है. पिछले साल के मुकाबले इस साल संघ की शाखाओं में 2200 की बढ़ोतरी हुई है. उन्होंने बताया कि एक साल में देश के अलग-अलग हिस्सों में संघ के कार्यक्रमों में एक लाख सेवकों की संख्या में इजाफा हुआ है.
RSS के सहसरकार्यवाह मनमोहन वैद्य ने कहा है कि राम मंदिर का निर्माण राष्ट्रीय गौरव का विषय है और अभी तक अयोध्या विवाद का हल अदालतों में नहीं निकला है. इस संबंध में कानून बनाने की जरूरत है. वैद्य ने कहा कि पूर्व में सरदार पटेल ने सोमनाथ मंदिर का निर्माण करवाया और तत्कालीन राष्ट्रपति डा राजेन्द्र प्रसाद स्वयं प्राण प्रतिष्ठा समारोह में गये थे.


वैद्य ने राम मंदिर मुद्दे से जुड़े एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि यह मुद्दा न हिंदू-मुस्लिम का है और न ही मंदिर-मस्जिद के विवाद का. बाबर के सेनापति ने जब अयोध्या में आक्रमण किया तो ऐसा नहीं था कि वहां नमाज के लिए जमीन नहीं थी. वहां खूब जमीन थी जहाँ मस्जिद बना सकते थे. पर उसने आक्रमण कर मंदिर को तोड़ा था. पुरातत्व विभाग द्वारा की गई खुदाई में यह सिद्ध हो चुका है कि इस स्थान पर पहले मंदिर था. इस्लामी विद्वानों के अनुसार भी ज़बरदस्ती क़ब्ज़ाई भूमि पर पढ़ी गई नमाज़ क़बूल नहीं होती है और सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने फ़ैसले में कहा है कि नमाज के लिए मस्जिद जरूरी नहीं होती, ये कहीं भी पढ़ी जा सकती है.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने कहा कि सरकार द्वारा लाया गया कोई भी अध्यादेश या संसद में पारित विधेयक असंवैधानिक होगा क्योंकि मामला विचाराधीन है. उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय में अपील लंबित होने के बीच कोई अध्यादेश या कानून लाया जाना एक ‘‘साहसी कार्रवाई” होगी. कर्नाटक में कांग्रेस के विधायक और पूर्व मंत्री रोशन बेग ने कहा कि राम मंदिर भारत में नहीं बनेगा तो क्या पाकिस्तान में बनेगा? उन्होंने कहा कि मुसलमान अपने हिंदू भाइयों की भावनाओं का सम्मान करते हैं. राम मंदिर मुद्दे पर अध्यादेश लाने के कथित प्रयास के लिए भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए बेग ने पूछा कि केंद्र में भगवा पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार पिछले साढ़े चार साल से क्या कर रही थी.
उधर सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव ‘राम के साथ’ हैं और चाहती हैं कि अयोध्या में राम मंदिर बने. अपर्णा ने कहा कि उच्चतम न्यायालय का निर्णय आया है कि सुनवाई जनवरी में होगी तो हमें इंतजार करना चाहिए.

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