राम मंदिर निर्माण के लिए संसद से कानून बने तो कोई आपत्ति नहीं : बाबरी मस्जिद के पक्षकार

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अयोध्या में राम मंदिर को लेकर पुरे देश में चल रहे गर्मागर्म बहस के बीच बाबरी मस्जिद के पक्षकार इकबाल अंसारी ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए अगर संसद में कानून बनता है तो इसपर मुझे कोई ऐतराज नहीं है. यदि अध्यादेश लाया जाना देश के लिए अच्छा है तो लाएं, हम कानून का पालन करने वाले नागरिक हैं और हम कानून का पालन करेंगे. इस मुद्दे पर अब राजनीति खत्म होनी चाहिए.
लोकसभा चुनाव 2019 के मद्देनजर अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर राजनीती जब अपने सबाब पर आने को बेचैन दिख रही है उसी दौर में आया यह बयान सबको चौंकाने वाला है. एक ओर राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है तो दूसरी ओर इस पर बयानबाजियों का अंतहीन सिलसिला जारी है. संघ से लेकर भाजपा तक के अंदर से राम मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश लाने की बात कही जा रही है. हाँलाकि अभी तक इस पर सरकार की ओर से कोई अधिकारिक बयान नहीं आया है.
हिंदू साधु-संतों ने भी संत समागम कर अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए सरकार से अध्यादेश लाने या कानून बनाने की मांग की है. साथ ही संतों ने इस बात पर भी जोर दिया कि अदालत को भी जन-भावनाओं का आदर करना चाहिए. राम मंदिर निर्माण के लिए आगे की रणनीति तय करते हुए अयोध्या, दिल्ली, बेंगलुरू और नागपुर समेत देश के विभिन्न शहरों में अगले दो महीने तक विशाल जनसभाओं का आयोजन कर जनभावना जगाने का निर्णय लिया गया है.


उधर राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा ने इस बात के संकेत दिए हैं कि वह राम मंदिर के मुद्दे पर संसद में प्राइवेट मेंबर बिल लाएंगे. संघ के विचारक रहे राकेश सिन्हा ने राम मंदिर निर्माण में देरी को लेकर कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया था कि जो लोग BJP और RSS को उलाहना देते रहते हैं कि राम मंदिर की तारीख बताए, उनसे सीधा सवाल है कि क्या वे मेरे प्राइवेट मेंबर बिल का समर्थन करेंगे? समय आ गया है दूध का दूध और पानी का पानी करने का. इस ट्वीट को सांसद राकेश सिन्हा ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, सपा प्रमुख अखिलेश यागव, सीताराम येचुरी, राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद और चंद्रबाबू नायडू को भी टैग किया.
अयोध्या में राम मंदिर पर संभावित बिल को लेकर मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने आज कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए सरकार को लोकसभा में बिल लाना चाहिए और उसे बिल के जरिए इस मामले को खत्म करना चाहिए. मंदिर को लेकर कानून बने हमें कोई एतराज नहीं. हम आने वाले कानून का समर्थन करते हैं. हम कानून को मानने वाले हैं, बिल का समर्थन करेंगे. देश में अमन चैन होना चाहिए, हम देश का भला चाहते हैं. कानून बनने से देश में अमन चैन रहता है तो भाजपा जरूर कानून बनाए. साथ ही अंसारी ने कहा कि भाजपा सरकार अच्छा काम कर रही है, हम उसकी तारीफ करते हैं.


राम मंदिर निर्माण की दिशा में मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी का यह बयान चौंकाने वाला और महत्वपूर्ण है क्योंकि अंसारी इसके पहले राम मंदिर विवाद का समाधान सुप्रीम कोर्ट के जरिए करने की बात ही कहते आए हैं. इकबाल अंसारी ने कहा कि लंबा वक्त हो गया है, अब मंदिर-मस्जिद मुद्दे पर झगड़ा खत्म होना चाहिए.
अंसारी के बयान का समर्थन करते हुए राम मंदिर के पुजारी सत्येंद्र दास ने कहा कि अंसारी ने जो कहा है, हम उसका स्वागत करते हैं. सरकार को चाहिए कि वह जल्द से जल्द कानून बनाकर मंदिर का निर्माण कराए. इनके पिता हाशिम अंसारी ने भी अयोध्या विवाद के समाधान की पहल की थी लेकिन वह सफल नहीं हो पाए थे. अंसारी का बयान स्वागतयोग्य है, मुझे लगता है कि उनके बयान का असर सरकार पर भी पड़ेगा.
ज्ञात है कि 25 नवंबर को अयोध्या में विश्व हिंदू परिषद की तरफ से धर्मसभा का आयोजन किया जा रहा है, जिसका मकसद राम मंदिर के पक्ष में देश भर में माहौल बनाना है. सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले की सुनवाई टलने के बाद से तमाम साधु संतों एवं हिंदू संगठनों ने मंदिर निर्माण की मांग तेज करते हुए अध्यादेश के जरिए मंदिर निर्माण के लिए सरकार पर दबाव बना रहे हैं. 25 नवंबर को ही अयोध्या में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे भी पहुंच रहे हैं.

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