योगगुरू बाबा रामदेव ने कश्मीर मसले पर पाकिस्तान के खिलाफ कड़े रूप को पेश किया है। रामदेव ने चंपारण सत्याग्रह की 100वीं सालगिरह पर तीन दिन के योग शिविर में कश्मीर पर अपनी बात पेश की है।
बिहार के पूर्वी चंपारण जिला मुख्यालय मोतिहारी में आयोजित तीन दिवसीय योग एवं ध्यान शिविर के समापन के बाद स्थानीय परिसदन में पत्रकारों से बात करते हुए योगगुरु ने कहा कि पाकिस्तान के सारे अपराध की जड़ पाक अधिकृत कश्मीर है। भारत को चाहिए कि वह POK का अविलंब अधिग्रहण कर ले।
योगगुरु ने कहा कि चूहे की औकात रखने वाला देश पाकिस्तान भारत जैसे शक्तिशाली देश को आंखे दिखाता रहता है। भारत को पाकिस्तान के फन को कुचल डालना चाहिए, साथ ही POK के सारे आतंकवादी शिविरों को ध्वस्त कर देना चाहिए, चाहे उसके लिए कोई भी कदम उठाना पड़े। मोदी सरकार को इस पर सख्त कदम उठाने चाहिए।

उन्होंने भारत पाक सीमा पर आये दिन हो रहे खून खराबे के लिए दाउद इब्राहिम, अजहर मसूद तथा हाफिज सईद जैसे लोगों जिम्मेदार बताते हुए कहा कि इन्हें पकड़कर जिंदा या मुर्दा भारत को सौंपा जाना चाहिए। रामदेव ने पाकिस्तान की जनता की तारीफ करते हुए कहा कि वहां की जनता अमन पसंद और अच्छी है लेकिन वहां के कुछ तत्व खून खराबे में विश्वास करते हैं।
जम्मू कश्मीर में मानवाधिकार हनन को के सवाल पर योग गुरु ने कहा कि यदि मानवाधिकार है तो भारतीय सेना के लिए भी तो अपना मानवाधिकार है।
योगगुरु ने बिहार में नीतीश कुमार सरकार द्वारा लागू की गयी शराबबंदी की तारीफ करते हुए कहा कि यहां के स्कूलों में योग की शिक्षा लागू करनी चाहिए, इससे बच्चों के बेहतर भविष्य होंगे। बिहारवासियों द्वारा दिए गये प्यार से अभिभूत योगगुरु ने कहा कि उन्हें बिहार की धरती पर आकर ऐसा लगता है कि पिछले जन्म में वे बिहार में ही पैदा हुए थे।
इसके पूर्व सत्याग्रह शताब्दी वर्ष के अवसर पर गांधी मैदान में आयोजित योग ज्ञान सह ध्यान शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि आज देश की बागडोर ऐसे व्यक्ति केहाथ में है जो देश विरोधी ताकतों को करारा जवाब देने में सक्षम है। बापू के स्वराज के सपने को साकार कर भारत को आर्थिक एवं अध्यात्म में विश्व गुरु बनाना है। युवाओं के रोजगार के लिए उद्योग भी खड़ा करना है, इसके लिए देश में शैक्षणिक माहौल कायम करने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण को लेकर देश में पतंजलि योग एवं उच्च शिक्षा संस्थान स्थापित करेगी। पतंजलि ने अगले 50 साल के लिए कार्य योजनाएं बना रखी हैं। देश में एक हजार से ज्यादा इंस्टीट्यूट संस्थान की स्थापना होगी। इसी वर्ष पतंजलि द्वारा बिहार में गुड़, लिची, मधुमक्खी पालन एवं मखाने के उत्पादन से संबंधित पतंजलि प्रोसेसिंग इकाई की शुरुआत की जाएगी। इसके अलावा निकट भविष्य में पतंजलि द्वारा बिहार में गो संवर्धन का कार्य भी शुरू किया जाएगा।
उन्होंने विदेशी सामान का इस्तेमाल नहीं करने की अपील करते हुए स्वदेशी सामान को व्यावहारिक उपयोग में लाने की नसीहत देते हुए कहा कि योग करने से शरीर में ब्रह्मांड की सभी शक्तियां जागृत हो जाती हैं। योग से आत्म परिवर्तन होता है और आत्मीय परिवर्तन ही राष्ट्रीय परिवर्तन को प्रेरित करता है।
उन्होंने शिक्षा ग्रहण करनेवाले छात्र-छात्राओं को योग करने की सलाह देते हुए कहा कि योग से विद्यार्थियों में ध्यान एवं स्मरण की चेतनाएं बढ़ेगी। वहीं उनमें एकाग्रता आयेगी, जिससे बच्चे चरित्रवान बन जीवन में उच्च सफलता प्राप्त कर पायेंगे।

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