किसी भी देश को ताकतवर बनाने के पीछे उसकी स्पेशल फोर्सेस का हाथ होता है जिसके दम पर हर देश दुनिया के सामने एक नई शक्ति के रूप में उभरकर सामने आ रहा है। विशेष सैन्य और रक्षा बल ही अपने देश का सम्मान बनाने और विश्व में एक अलग पहचान बनाते हैं।
हम आपको आज भारत की आसमानी ताकत के बारे में बताने जा रहे हैं जो दुश्मनों के ऊपर मौत की बारिश कर देता है। फ्रांस की दसॉल्ट एविएशन ने कम बोली लगाकर बाजी मारी थी। मगर सबसे खास बात थी कि उसका राफेल लड़ाकू विमान फील्ड ट्रायल के दौरान भारतीय परिस्थितियों और मानकों पर सबसे खरा साबित हुआ था। राफेल को कारगिल युद्ध में फ्रांसीसी मिराज के बेहतर प्रदर्शन से भी ताकत मिली और उसे वायुसेना की ताकत बढाने के लिए चुना गया।
राफेल विमान बेहद शक्तिशाली और कठिन से कठिन परिस्थितियों में ऑपरेशन को अंजाम देने में सक्षम हैं। भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान और चीन के पास भी ऐसे लड़ाकू विमान नहीं हैं।


विशेष मिसाइलों से लैस रहती है राफेल। वियोंड विज्युल रेंज ‘मेटेओर’ मिसाइल की रेंज करीब 150 किलोमीटर है. हवा से हवा में मार करने वाली ये मिसाइल दुनिया की सबसे घातक हथियारों में गिनी जाती है। इसके अलावा राफेल फाइटर जेट लंबी दूरी की हवा से सतह में मार करने वाली स्कैल्प (SCALP) क्रूज मिसाइल और हवा से हवा में मार करने वाली माइका (MICA) मिसाइल से भी लैस है।
राफेल प्लेन में एक और खासयित है वो ये कि इसके पायलट के हेलमेट में ही फाइटर प्लेन का पूरा डिस्पले सिस्टम होता है। यानि उसे प्लेन के कॉकपिट में लगे सिस्टम को देखने की जरुरत भी नहीं पड़ती है। उसका पूरा कॉकपिट का डिस्पले हेलमेट में होता है।
भारतीय जलवायु और लेह-लद्दाख जैसे इलाकों के लिए खास तरह के उपकरण लगाए गए हैं, ताकि बेहद उंचाई और ठंड वाले इलाकों में भी इन्हे उड़नें में कोई दिक्कत ना हो। साथ ही राफेल 24 घंटे में पांच बार उड़ने की क्षमता रखता है। जबकि सुखोई सिर्फ तीन (03) उड़ान भर सकता है। राफेल का फ्लाइट रेडियस करीब 780-1050 किलोमीटर है।

हवा से हवा के साथ हवा से जमीन पर हमले के साथ परमाणु हमले में सक्षम, बेहद कम ऊंचाई पर उड़ान के साथ हवा से हवा में मिसाइल दाग सकता है।
विमान में ऑक्सीजन जनरेशन सिस्टम, लिक्विड ऑक्सीजन भरने की जरूरत नहीं इलेक्ट्रॉनिक स्कैनिंग रडार से थ्रीडी मैपिंग कर रियल टाइम में खोज लेता है पोजीशन।
नजदीकी मुकाबले के दौरान एक साथ कई टारगेट पर रख सकता है नजर। हर मौसम में लंबी दूरी के खतरे को भी समय रहते भांप सकता है। जमीनी सैन्य ठिकाने के साथ विमानवाहक पोत से भी उड़ान भर सकता है।

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