राज्यसभा सभापति का पद संभालते ही नायडू ने कार्यवाही में दो बदलाव किए

 92 


उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने राज्यसभा सभापति का पद संभालने के बाद पहले दिन सदन की कार्यवाही में दो बदलाव किए। पहला कि अब सदन के पटल पर जानकारियां रखते वक्त कोई भी मंत्री औपनिवेशिक शब्दों का इस्तेमाल नहीं करेंगे और दूसरा उन्होंने स्वयं खड़े होकर दिवंगत सदस्यों के लिए श्रद्धांजलि संदेश पढ़ा।
उपराष्ट्रपति ने शुक्रवार से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने पर कहा कि सदन के पटल पर जानकारियां रखते वक्त कोई भी मंत्री पेपर्स में ‘आई बेग टू’ जैसे औपनिवेशिक शब्दों का इस्तेमाल न करें। आजाद देश में कोई विनती क्यों करे?
कार्यवाही के दौरान नायडू ने कहा कि कोई भी सदन के पटल पर रखी जानकारियों में ‘आई बेग टू’ लाइन न लिखे, इसके स्थान पर सिर्फ इतना लिखें कि ‘आई रेज टू ले ऑन द टेबल।’ किसी को विनती करने की जरूरत नहीं, यह आजाद भारत है। हालांकि, इसके बाद नायडू ने साफ किया कि यह कोई ऑर्डर नहीं, बल्कि केंद्रीय मंत्री इसे एक सुझाव की तरह ले सकते हैं।

सभापति नायडू ने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि सदन की शुरुआत से पहले कई मंत्रियों ने अपने विभागों की जानकारियों के साथ पेपर्स पर एक वाक्य लिखा था- “I beg to lay on the table the papers listed against my name in today’s revised list of business.”
नायडू ने राज्यसभा की कार्यवाही में दूसरा बदलाव करते हुए सेशन के पहले दिन स्वयं खड़े होकर दिवंगत सदस्यों के लिए श्रद्धांजलि संदेश पढ़ा। इसके पूर्व पहले राज्यसभा के सभापति रहे हामिद अंसारी और भैरों सिंह शेखावत आदि सीट पर बैठकर ही श्रद्धांजलि संदेश पढ़ते आए थे। हाँलाकि लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन भी श्रद्धांजलि संदेश पढ़ने के लिए अपनी सीट पर खड़ी हो जाती हैं।

हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए Pileekhabar के Facebook पेज को लाइक करें


loading...


Loading...