केंद्रीय मंत्री श्रीपद नाइक ने आज कहा कि इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह का हिस्सा ‘सूर्य नमस्कार आसन’ नहीं होगा और ‘ओम’ का उच्चारण अनिवार्य नहीं होगा, हालांकि इसके बिना योग अधूरा है.

‘सूर्य नमस्कार’ के बारे में उठे विवाद के बारे में पूछे जाने पर नाइक ने कहा कि सूर्य नमस्कार आसन पिछले वर्ष भी नहीं था और इस बार भी नहीं है. यह जटिल है. जिन लोगों के लिए यह नया है उनके लिये इसे 45 मिनट में करना कठिन है, इसलिए इसे नहीं लिया गया है.

इस आसन के बारे में विवाद रहा है, क्योंकि मुसलमानों के एक समूह का कहना है कि उनकी आस्था इसे करने की अनुमति नहीं देती है. पिछले वर्ष 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह का नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया था और राजपथ पर योग किया था. इस बार वे चंडीगढ़ में ऐसा करेंगे.

केंद्रीय आयुष मंत्री ने कहा कि जब भी कोई अच्छा काम होता है तब हमेशा कुछ विरोध होता ही है. इस वर्ष कोई विरोध नहीं हुआ है. हमने इसे अनिवार्य नहीं बनाया है. ओम के बिना योग पूर्ण नहीं हो सकता है. हमने इसका विरोध करने वालों को समझाया और ऐसा लगता है कि वे इसे समझ गये हैं.

इस बारे में एक विवाद उस समय उत्पन्न हो गया था जब UGC के दिशानिर्देश में विश्वविद्यालयों एवं कालेजों को योग के बारे में आयुष मंत्रालय के प्रोटोकाल का पालन करने को कहा गया था जो ओम से शुरू होता है और इसमें संस्कृत के भी कुछ श्लोक हैं. आगामी 21 जून को छुट्टी घोषित करने के बारे में एक सवाल के जवाब में नाइक ने कहा कि इस बारे में मांग आने पर आयुष मंत्रालय केंद्र सरकार से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सार्वजनिक छुट्टी घोषित करने का आग्रह कर सकता है.

‘समग्र स्वास्थ्य के लिए योग, सामयिक शोध’ विषय पर नेशनल हेल्थ एडिटर्स कांफ्रेंस के दौरान नाइक ने कहा कि योग का समय सुबह होता है. यह करीब 8 बजे तक चलेगा, छुट्टी की कोई जरूरत नहीं है लेकिन अगर ऐसी कोई मांग आती है तो उनका मंत्रालय उस पर विचार करेगा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से व्यापक जनहित में इसे बढ़ावा देने के लिए इस बारे में आग्रह करेगा. इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून मंगलवार को पड़ रहा है जबकि पिछले वर्ष यह रविवार को था.

आयुष मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि योग इस बार विभिन्न स्कूलों में छठी से 10वीं कक्षा के शरीरिक गतिविधि सत्रों में शामिल किया गया है लेकिन यह अनिवार्य नहीं है. नाइक ने कहा कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय का परिपत्र सभी स्कूलों को जारी किया गया है जिसमें योग को शामिल करने की बात थी, कई स्कूलों ने इसे अपनाया जबकि कई अन्य में कार्य जारी है.

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