युवा CEO के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने विकास को जनांदोलन बनाने पर बल दिया

 61 


युवा CEO को देश के विकास का मंत्र देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज विकास को जनआंदोलन बनाने की जरूरत है, सरकार की प्राथमिकता में भी लोगों का कल्याण और नागरिकों की खुशहाली सर्वोपरि है.
दिल्ली में प्रवासी भारतीय केंद्र में नीति आयोग द्वारा आयोजित ‘चैंपियंस ऑफ चेंज’ इवेंट में देश भर के स्टार्टअप्स से जुड़े 200 से ज्यादा CEO को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि प्रत्येक नागरिक के मन में यह भाव होना चाहिए कि यह देश उसका है और उसे देश के विकास के लिए काम करना है.
PM ने कहा कि महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता आंदोलन को जनआंदोलन में बदल दिया और इसका परिणाम हमने देखा. जिस तरह से महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता आंदोलन को जनआंदोलन में बदल दिया उसी तरह से हमें भारत के विकास को जनआंदोलन में बदलने की जरूरत है.
मोदी ने कहा है कि वह देश में विकास को जनांदोलन बनाना चाहते हैं. उन्होंने अपने इस मिशन में युवा उद्यमियों का सहयोग मांगते हुए कहा कि हर नागरिक को लगना चाहिए कि देश हमारा है और हमें ही इसे आगे बढ़ाना है. गांधी ने यही कर देश में आजादी की लड़ाई को जनांदोलन बना दिया था.
देश के युवा CEO से देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने पर बातचीत करने के बाद PM ने इन्हें संबोधित करते हुए कहा कि बातचीत के कारण हर विषय, हर समस्या, हर सुझाव के संबंध में 360 डिग्री का व्यू उभर कर आता है. आपकी और हमारी सोच में फर्क बस इतना है कि आपकी सारी गतिविधि रिजल्ट ऑरिएंटेड होती है और सरकार जनकल्याण के लिए चलती है.


मोदी ने युवा उद्यमियों से कहा कि देश के हर आदमी को लगना चाहिए कि यह देश हमारा है और हमें इसे आगे बढ़ाना है. आजादी से पहले सैकड़ों सालों में एक वर्ष ऐसा नहीं गया है जब हिंदुस्तान के किसी कोने से आतताई के खिलाफ आवाज न उठी हों. आजादी के लिए मरने वालों की कमी नहीं थी. हर किसी को लगता था कि मैं अपना बलिदान देकर देश की सेवा कर रहा हूं.
गांधी ने हर इंसान को आजादी का सैनिक बना दिया था. एक ऐसा माहौल बना दिया कि हर नागरिक,चाहे किसान हो, शिक्षक हो, छात्र हो, व्यावसायी हो हर कोई अपने काम के दौरान यही सोचने लगा कि वह आजादी के लिए काम कर रहा है. अंग्रेजों के लिए इस बात को समझना बहुत मुश्किल था. आमने-सामने की लड़ाई में उनके लिए कार्रवाई सरल थी, लेकिन जब हर आदमी खुद को आजादी का सिपाही सोचने लगा तो उनके लिए मुश्किलें खड़ी हो गईं.
मोदी ने कहा कि हमारे देश में आगे बढ़ने के लिए हर सरकार ने प्रयास किया है, पर आजादी के बाद की सरकार डिवेलपमेंट को मास मूवमेंट नहीं बना पाई. मुझे देश में डिवेलपमेंट को मास मूवमेंट बनाना है. मुझे आपकी जरूरत है, आप जहां हैं वहीं से एक आधुनिक, समृद्ध, सामर्थ्यवान भारत के सैनिक बन सकते हैं. आप मेरी टीम हैं, मुझे देश को आगे ले जाने के लिए आपका साथ चाहिए. आपकी सोच सरकार की सोच से मिले तो बहुत बड़ा बदलाव होगा.
मोदी ने किसानों और खेती की समस्या का जिक्र करते हुए फिर एक बार टिंबर खेती का उदाहरण देते हुए कहा कि सोचिए जो देश कृषि प्रधान हो, जो देश गांधी के दर्शन से जुड़ा हो, वह देश टिंबर का आयात करता है, हम कहां से कहां पहुंच गए? खेतों की सीमा पर टिंबर की खेती की जा सकती है. उन्होंने कहा कि हम किसानों की इनकम डबल करना चाहते हैं, लेकिन पशु व्यवसाय, मत्स्य व्यवसाय, पॉल्ट्री फॉर्म पर सोचेंगे ही नहीं तो कैसे होगा?
PM ने कहा कि किसानों की आय दोगुना करने की बात ऐसे ही नहीं कही गई है. हमें बाजार भी देखना है. गल्फ देशों की जनसंख्या बढ़ रही है. वहां तेल है, पानी नहीं. उनके पास एग्रो प्रॉडक्ट को आयात करने के अलावा कोई चारा नहीं है. ऐसे में अगर हमारे किसान इस परिस्थिति का फायदा उठाएं. हम गल्फ कंट्री को उसके खाद्यान्न जरूरतों की पूर्ति करें और वे हमारी ऊर्जा की जरूरतों को पूरा करें तो ये विन-विन सिचुएशन है कि नहीं?
मोदी ने कहा कि महात्मा गांधी ने क्या बदला था, अगर हम यह समझ लें तो 2017 से 2022 तक कहां जाना है, सारे सवाल के जवाब मिल जाएंगे. आज हम 2017 में है और 2022 तक हमें यह संकल्प लेना है कि हमें कहां पहुंचना है. हमें आधुनिक भारत के लिए काम करना है. आप भी देश की इस प्रगति में सैनिक बन सकते हैं. प्रयास करने से रास्ते मिलते जाएंगे. उन्होंने कहा कि मेरा उद्देश्य यह है कि हर व्यक्ति को लगे कि यह देश मेरा है.

हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए Pileekhabar के Facebook पेज को लाइक करें

loading…


Loading…



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *