मोदी सरकार ने किसानों को बड़ी खुशखबरी दी, रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 21% वृद्धि का ऐलान

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केंद्र की मोदी सरकार ने त्योहारी मौसम में किसानों को बड़ी खुशखबरी दी है। केंद्रीय कैबिनेट ने आज रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाने का ऐलान कर दिया। सरकार के ताजा फैसले के मुताबिक, गेहूं की एमएसपी 105 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ा दी गई है। वहीं, चने की एमएसपी 220 रुपये प्रति क्विंटल, मसूर की 225 रुपये प्रति क्विंटल और सरसों की एमएसपी प्रति क्विंटल 200 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ी है। गौरतलब है कि रबी फसलों की एमएसपी में 21 प्रतिशत तक की वृद्धि का ऐलान किसान आंदोलन के उग्र होने के एक दिन बाद लिया गया है। मंगलवार को किसानों का जत्था अपनी मांगों के साथ दिल्ली पहुंचा था, जहां उसकी पुलिस से झड़प हो गई थी।
गेहूं की एमएसपी 105 रुपये बढ़ाकर 1,840 रुपये प्रति क्विन्टल
जौ की एमएसपी 30 रुपये बढ़ाकर 1,440 रुपये प्रति क्विन्टल
चना की एमएसपी 220 रुपये बढ़ाकर 4,620 रुपये प्रति क्विन्टल
मसूर की एमएसपी 225 रुपये बढ़ाकर 4,475 रुपये प्रति क्विन्टल
सरसों की एमएसपी 200 रुपये बढ़ाकर 4,200 रुपये प्रति क्विन्टल
सूरजमुखी की एमएसपी 845 रुपये बढ़ाकर 4,945 रुपये प्रति क्विन्टल
बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इस आशय का फैसला लिया गया। मौजूदा फसल वर्ष में समर्थन मूल्य बढ़ाने का फैसला कृषि लागत एवं कीमत आयोग (सीएसीपी) के सुझाव पर लिया गया है। यह किसानों को लागत पर 50 प्रतिशत लाभ दिए जाने के सरकार के वादे के भी अनुरूप है। केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी देते हुए कहा भी कि एमएसपी में वृद्धि का फैसला, किसानों की आमदनी बढ़ाने के हमारा संकल्प को दिखाता है। उन्होंने बताया कि रबी फसलों की एमएसपी बढ़ाने से किसानों को 62 हजार 635 करोड़ रुपये का फायदा होगा।
कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने कहा कि रबी की सभी फसलों की एमएसपी उनकी उत्पादन लागत के 50 से लेकर 112 प्रतिशत तक है। गेहूं के संदर्भ में उत्पादन की लागत 866 रुपये प्रति क्विन्टल तथा एमएसपी 1,840 रुपये प्रति क्विन्टल है जो लागत का 112.5 प्रतिशत बनता है। चना के मामले में एमएसपी उत्पादन लागत से 75 प्रतिशत अधिक है। मसूर का समर्थन मूल्य उत्पादन लागत से 76.7 प्रतिशत अधिक है जबकि सरसों का एमएसपी उत्पादन लागत से कहीं 90 प्रतिशत अधिक है। जौ के लिए उत्पादन लागत 860 रुपये है और एमएसपी 1440 रुपये है, जिससे किसानों को 67.4 प्रतिशत आय की प्राप्ति होगी। सूरजमुखी के मामले में एमएसपी को उत्पादन लागत से 50 प्रतिशत अधिक तय किया गया है।
कृषि क्षेत्र में संकट का समाधान करने के लिए मोदी सरकार ने जुलाई में धान एमएसपी को रिकॉर्ड 200 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाया था तथा अन्य खरीफ (ग्रीष्म ऋतु) फसलों में भारी वृद्धि की थी। पिछले महीने, किसानों को एमएसपी सुनिश्चित करने के लिए 15,000 करोड़ रुपये की योजना की घोषणा की गई थी।

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