मोदी-शी मुलाकात ; दोनों सेनाओं के अधिकारियों ने सीमा पर की पर्सनल मीटिंग

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच वुहान में हुई मुलाकात के एक हफ्ते बाद भारत-चीन की सेना ने बॉर्डर पर्सनल मीटिंग (BPM) कर वास्तविक नियंत्रण रेखा पर शांति कायम रखने और विश्वास बहाली के अतिरिक्त उपायों पर काम करने का संकल्प लिया.
लद्दाख के चुसुल इलाके में BPM की हुई इस बैठक के दौरान सीमा प्रबंधन के मुद्दों पर तथा विवादित सीमा पर तनाव कम करने और अविश्वास को पाटने के उपायों पर चर्चा केंद्रित रही.
पिछले ही सप्ताह प्रधानमंत्री मोदी और चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग के बीच अनौपचारिक शिखर वार्ता हुई थी. दोनों देशों के बीच इस तरह की यह पहली बैठक थी जिसमें मोदी और जिनपिंग ने सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर दोनों देशों के बीच रणनीतिक वार्ताओं को मजबूत करने पर सहमति जताई थी.
अनौपचारिक शिखर वार्ता में मोदी और जिनपिंग ने दोनों देशों की सेनाओं के बीच संवाद को मजबूत बनाने और दोनों देशों के सीमा सुरक्षा बलों के बीच विश्वास और समझ बनाने के लिये रणनीतिक मार्गदर्शन जारी करने का फैसला किया था.


सूत्रों के अनुसार भारत और चीन की सेना वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तनाव को कम करने के लिये कई कदम उठाएगी. साथ ही दोनों देशों के बीच भरोसे का निर्माण करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा और सीमा पर तनाव कम करने के उपायों पर विचार किया जा रहा है. इसमें मिलजुल कर गश्त लगाने जैसे कदम भी शामिल हैं.
सूत्रों के अनुसार तालमेल करके गश्त लगाने के तहत प्रत्येक पक्ष दूसरे पक्ष को विवादित क्षेत्र में अपना गश्ती दल भेजने से पहले अग्रिम सूचना देगा. साथ ही दोनों पक्ष स्थानीय घटनाओं का हल 2003 के समझौते के प्रावधानों के अनुसार करेंगे.
सूत्रों के मुताबिक दोनों पक्ष भारतीय सेना के सैन्य अभियान महानिदेशक (DGMO) और उनके चीनी समकक्ष के बीच काफी समय से लंबित हॉटलाइन स्थापित करने पर भी काम कर रहे हैं. दोनों पक्षों ने अरूणाचल प्रदेश के किबिथे में वाचा सीमा चौकी पर तोहफे का आदान-प्रदान भी किया.

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