नरेंद्र मोदी ने मुस्लिम नेताओं से कहा कि वो ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर सियासत ना होने दें। मुस्लिम कम्युनिटी के 25 नेताओं से मुलाकात में मोदी ने कहा कि वो इस मुद्दे पर सुधार की शुरुआत करें। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के नेता मौलाना महमूद मदनी ने मोदी से मुलाकात के बाद कहा कि PM का सभी मुद्दों पर रुख तसल्ली देने वाला रहा।
मुस्लिम कम्युनिटी के नेता मोदी से उनके ऑफिशियल रेसीडेंस मिले। PM ने उनसे कहा कि डेमोक्रेसी की सबसे बड़ी ताकत आपसी प्यार और सद्भभावना है। किसी भी सरकार को नागरिकों से भेदभाव करने का कोई हक नहीं है। भारत की खूबसूरती ही ‘अनेकता में एकता’ है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नई जेनरेशन को दुनिया में बढ़ती कट्टरता से बचाना जरूरी है।
तीन तलाक के मुद्दे पर मोदी ने कहा कि मुस्लिम नेता इस मुद्दे पर सियासत ना होने दें। इस मुद्दे को हल करने के लिए उन्हें खुद सुधार की कोशिश करनी चाहिए। मुस्लिमों को देश के विकास में बराबर का भागीदार बताते हुए मोदी ने कहा कि आतंकवाद से निपटने के लिए उन्हें पूरी ताकत से सामने आना चाहिए।
जानकारी के अनुसार मुस्लिम नेताओं ने PM के नजरिए की तारीफ की और कहा कि इस मुलाकात से उन्हें काफी तसल्ली मिली है। डेलीगेशन के मेंबर्स ने कश्मीर के हालात पर चिंता जताते हुए कहा कि सिर्फ आप ही इस मुद्दे को सुलझा सकते हैं।
मुस्लिम नेताओं ने कहा कि वो देश के खिलाफ होने वाली किसी भी साजिश को कामयाब नहीं होने देंगे। उनके एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स सरकार की स्टार्ट अप स्कीम्स का फायदा उठाएंगे। मुस्लिम नेताओं ने मोदी सरकार की वेलफेयर स्कीम्स की भी तारीफ की।
मुलाकात के दौरान नेशनल सिक्युरिटी एडवाइजर अजीत डोभाल भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि दुनिया इस वक्त भारत की तरफ देख रही है और हमारी ये जिम्मेदारी है कि हम देश को आगे ले जाने की तरफ मिलकर कदम बढ़ाएं।
PM से मुलाकात करने वालों में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रेसिडेंट मौलाना कारी सैयद मोहम्मद उस्मान मंसूरपुरी, जनरल सेक्रेटरी मौलाना महमूद मदनी, मुंबई बेस्ड अंजुमन-ए-इस्लामी के प्रेसिडेंट जहीर काजी, एजुकेशन एक्सपर्ट अख्तरउल वासे और मौलाना बदरुद्दीन अजमल शामिल थे।

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