मोदी ने किया 65 हजार करोड़ की लागत से बने सरदार सरोवर डैम का उद्घाटन

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना 67वा जन्मदिन गुजरात में मनाने के क्रम में 138.68 मीटर ऊंचे सरदार सरोवर डैम का उद्घाटन किया। इसके पूर्व PM ने डैम पर ही मां नर्मदा की पूजा-अर्चना की। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, डिप्टी CM नितिन पटेल और पूर्व CM आनंदी बेन पटेल भी मौजूद थीं।
डैम को बनाने में कुल 65 हजार करोड़ लागत आई है और काम 56 साल में पूरा हो पाया है। 56 साल के लंबे इंतजार के बाद सरदार सरोवर नर्मदा डैम प्रोजेक्ट पूरा हो गया है। इनॉगरेशन के दौरान डैम के गेट 10-15 मिनट के लिए खोले जा सकते हैं। ऐसा होने पर इससे 30 हजार क्यूसेक पानी बह जाएगा। यह डैम नर्मदा पर बनने वाले 30 बांधों में से एक है।
डैम पूरा भर जाने पर गुजरात की पीने के पानी और सिंचाई की जरूरतें 6 साल तक पूरी हो सकेंगी। नर्मदा पर यह डैम बनाने की पहल 1945 में सरदार पटेल ने की थी। मुंबई के इंजीनियर जमदेशजी एम वाच्छा ने सरदार सरोवर डैम का प्लान बनाया था, इसकी शुरुआत में ही 15 साल लग गए। 15 अप्रैल 1961 को प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने डैम का शिलान्यास किया था।


डैम का मौजूदा वॉटर लेवल 128.44 मी. है, जिससे 6000 मेगावॉट बिजली पैदा होगी। बांध पर गुलाबी, सफेद और लाल रंग के 620 एलईडी बल्ब लगाए गए हैं, ये कुल 1000 वॉट के हैँ। इनमें से 120 बल्ब बांध के 30 गेट पर लगे हैं। इनसे होने वाली रोशनी से ओवरफ्लो का आभास होता है। बांध बनाने में 86.20 लाख क्यूबिक मीटर कंक्रीट लगा है, जितने कंक्रीट से चंद्रमा तक सड़क बनाई जा सकती थी। कंक्रीट के इस्तेमाल के लिहाज से अमेरिका का ग्रांट कुली दुनिया में नंबर वन है।
सिंचाई की दृष्टी से डैम का सबसे ज्यादा फायदा गुजरात को मिलेगा। डैम से गुजरात के 15 जिलों के 3137 गांव की 18.45 लाख हेक्टेयर जमीन की सिंचाई हो सकेगी। जबकि बिजली का सबसे अधिक (57%) हिस्सा मध्य प्रदेश को मिलेगा। महाराष्ट्र को 27% और गुजरात को 16% बिजली मिलेगी। जबकि राजस्थान को सिर्फ पानी मिलेगा।
PM ने इस मौके पर अपनी मां हीराबा का आशीर्वाद लिया। इससे पहले बुधवार को जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे के साथ 8 किमी लंबा रोड शो किया और देश की पहली बुलेट ट्रेन की नींव भी रखी थी। 3 दिन में उनका ये दूसरा गुजरात दौरा है। मां से मिलने के बाद मोदी ने ट्वीट किया- ”मां की ममता, मां का आशीर्वाद जीवन जीने की जड़ी-बूटी है।”

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