मोदी सरकार और ट्रंप प्रशासन ने वैश्विक स्तर पर आतंकवाद, द्विपक्षीय रक्षा संबंधों व भारत-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा पर भारत और अमेरिका के बीच रक्षा और विदेश मंत्री स्तर पर नया संवाद स्थापित करने का फैसला लिया है। साथ ही दोनों नेता भारत-प्रशांत क्षेत्र में शांति व स्थिरता बढ़ाने को लेकर सहमत हुए हैं।
व्हाइट हाउस ने जानकारी दी कि दोनों नेताओं के बीच भारत के स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर हुई टेलीफोनीक बातचीत में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय रिश्तों को लेकर कूटनीतिक व रणनीतिक हितों की शीर्ष प्राथमिकताओं को भी गिनाया।
डोनाल्ड ट्रंप ने फोन पर अमेरिका से भारत को कच्चे तेल की पहली खेप भेजने के कदम का स्वागत किया जो इस माह टेक्सास से शुरू होगी। ट्रंप ने वादा किया कि अमेरिका द्वारा भारत को ऊर्जा की दीर्घकालीन आपूर्ति जारी रहेगी।


व्हाइट हाउस ने कहा कि नरेन्द्र मोदी और ट्रंप ने मंत्री स्तरीय वार्ता का तंत्र शुरू कर भारत-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा का संकल्प लिया जो रणनीतिक परामर्श को बढ़ाएगा। व्हाइट हाउस के अनुसार मोदी और ट्रंप इस साल नवंबर में वैश्विक स्व-उद्यमी सम्मेलन के प्रति भी उत्सुक हैं। इसके लिए ट्रंप ने अपनी बेटी और सलाहकार इवांका ट्रंप को अमेरिकी प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व करने के लिए कहा है। इस दौरान भारतीय प्रधानमंत्री ने उत्तर कोरिया की हरकतों के विरोध में विश्व को एकजुट करने के प्रयासों के लिए ट्रंप के मजबूत नेतृत्व का शुक्रिया अदा किया।
इस बीच अमेरिकी विदेशमंत्री रैक्स टिलरसन ने अपनी भारतीय समकक्ष सुषमा स्वराज से भी फोन पर बात की और तालमेल के उपायों पर चर्चा की।टिलरसन ने कहा कि भारत-अमेरिकी संबंधों के लिए PM मोदी का नजरिया 21वीं सदी में हमारे साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए काफी मायने रखता है।

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