गुरुवार को जारी किया गया 2017 मैट्रिक का परीक्षा परिणाम को भी गड़बड़ी से अछूता नहीं कहा जा सकता. जारी रिजल्ट में जिस प्रकार से छात्रों को कई विषयों में सौ में सौ अंक आये हैं, उसने मूल्यांकन में गड़बड़ी की आशंका को एक बार बलवती किया है.
बीते सालों में मैट्रिक व इंटर की परीक्षा में गड़बड़ी की बात खुलकर सबके सामने आ चुकी हैं. जिनमें ऐसे छात्र बिहार टॉपर बन गये, जिनकी कापियों का यदि सही मूल्यांकन होता तो शायद उन्हें पास होने में भी परेशानी होती. इसमें टॉपर रूबी राय व गणेश सहित कई छात्रों का नाम शामिल हैं.
मधुबनी जिला के खुटौना के प्लस टू उच्च विद्यालय का छात्र जूरीदेव कुमार इस बार 10वीं की बोर्ड परीक्षा में 429 अंक लाकर ना सिर्फ स्कूल का टॉपर बना, बल्कि जिले के टॉप टेन में भी है. जूरीदेव को साइंस में 100 में 100 तथा गणित में 100 में 94, एसएससी में 100 में 80, संस्कृत में 100 में 77 तथा हिंदी में 78 अंक प्राप्त हुआ है. साइंस के प्रैक्टिकल में भी इन्हें शत- प्रतिशत अंक मिले हैं.
जबकि खुटौना विद्यालय के प्राधानाध्यापक फिरोज अहमद स्वयं कहते हैं कि विद्यालय में प्रयोगशाला का इंतजाम ही नहीं है. विद्यालय की दीवार तक पर कहीं प्रयोगशाला का नाम नहीं है. ऐसे में विद्यालय के किसी छात्र का प्रैक्टिकल में सौ फीसदी अंक लाना अपने आप में सवाल खड़ा करता है. वैसे यह किसी एक जूरीदेव का मामला नहीं है. इस साल ऐसे सैकड़ों छात्र हैं, जिन्हें विज्ञान में सौ में सौ अंक मिले हैं. इसी तरह लदनिया के सुरेंद्र कुमार को भी प्रायोगिक विषय में 20 में 20 अंक मिले हैं.

इस बार जारी रिजल्ट ने बिहार में कई रामानुजम को जन्म दिया है. गणित में महारथ हासिल करने वाले छात्रों की संख्या इस वर्ष सैकड़ों में है. एक- एक जिले में ही सैकड़ों छात्रों को गणित में सौ में सौ अंक हासिल हुआ है, जबकि यह बिरले ही होता है. अंधराठाढ़ी के बच्चादाय उच्च विद्यालय, बेनीपट्टी के लीलाधर उच्च विद्यालय के छात्रों को भी गणित में सौ में सौ अंक मिले हैं. वैशाली जिले के लालगंज में आशीष को मैथ में सौ फीसदी अंक मिले हैं लेकिन जानकारी में वह फिसड्डी है.
इससे भी जबरदस्त मामला झंझारपुर के भैरव स्थान स्थित गोपाल नारायण प्लस टू विद्यालय से सामने आया है. यहां का एक छात्र निरंजन मिश्र पिछले साल परीक्षा में फेल हो गया था. इस साल दुबारा परीक्षा दिया, जब मार्क्ससीट निकाला तो वह हैरत में रह गया. पिछले साल जिस विषय में उसे जितने अंक आये थे, ठीक वही अंक इस साल भी आये हैं. निरंजन का रॉल कोड 62048, रॉल नंबर 1620235 है. इसे हिंदी में 53, संस्कृत में 41,गणित में 13, सामाजिक विज्ञान में 12, विज्ञान में 20 एवं अंग्रेजी में 38 अंक मिले हैं. आश्चर्य की बात यह है कि पिछले साल भी निरंजन को सभी विषयों में इतने ही अंक मिले थे. क्या यह महज संयोग है?
जाने माने शिक्षाविदों की राय में किसी भी विषय में सौ फीसदी अंक हासिल करना अनूठा है, यह बिरले ही होता था. पर, इस साल तो गणित और विज्ञान में सौ में सौ अंक धड़ल्ले से आये हैं, जो इतना आसान भी नहीं है.

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