वाराणसी में मुस्लिम महिलाओं ने पातालपुरी मठ में बुधवार को हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया। महिलाओं ने कहा कि हम सभी तीन तलाक से मुक्ति चाहती हैं, इसीलिए हनुमान चालीसा पढ़ रही हैंl हनुमान जी को संकट मोचक कहा जाता है और ऐसा माना जाता है कि हनुमान चालीसा पढ़ने से सभी संकटों से मुक्ति मिलती हैl
मठ के पीठाधीस्वर महंत बालक दास के साथ 2 दर्जन से ज्यादा मुस्लिम महिलाओं ने हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया। यह इस मायने में भी काफी महत्वपूर्ण है कि अगले ही दिन यानी 11 मई से सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ 4 दिनों तक तीन तलाक के मामले को लेकर लगातार सुनवाई करने वाली हैl
मुस्लिम महिला फाउंडेशन की नेशनल सदर नाजनीन अंसारी ने कहा कि हम सभी महिलाओं ने तीन तलाक से मुक्ति के लिए 100 बार हनुमान चालीसा का पाठ किया। अंसारी ने कहा कि जीवन में हताशा-निराशा और हर तरह के संकट से मुक्ति पाने के लिए ही हनुमान चालीसा की रचना हुई है। इसी मान्यता को देखते हुए हम महिलाओं ने अपने सबसे बड़े संकट ‘तीन तलाक’ से छुटकारा पाने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ किया। हमें हर कीमत पर तीन तलाक को रोकना होगा। पर्सनल लॉ के नाम पर एक संगठन ने पूरे भारत की मुस्लिम महिलाओं का ठेका कैसे ले लिया?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में तीन तलाक के विरोध में मुस्लिम महिलाएं काफी मुखर होकर आवाज उठा रही हैंl फाउंडेशन ने इसके लिए अभियान छेड़ रखा हैl बादशाह बाग की नजमा ने कहा कि 25 दिन पहले मैंने अपने पति जैनुल को गैर महिला के साथ कमरे में देखा था। विरोध करने पर पति ने तीन तलाक देकर 15 साल की विकलांग बेटी को भी बाहर कर दिया। अब मैं प्रार्थना कर रही हूं कि कोर्ट ऐसे शौहर को सजा दे।
30 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक मामले पर अहम फैसला लेते हुए इसे 5 जजों की संवैधानिक पीठ के पास रेफर किया था। पीठ मुस्लिम समुदाय के अंदर होने वाले तीन तलाक और निकाह हलाला जैसी प्रथाओं का संवैधानिक आधार पर विश्लेषण करेगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल में कहा था कि मुस्लिम समाज के लोग खुद इस लड़ाई के खिलाफ आगे आएं और इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिएl मोदी ने कहा था कि तीन तलाक के संकट से जूझ रही मुस्लिम समाज की महिलाओं को बचाने के लिए उसी समाज के लोगों से अपील करूंगा कि इस मसले को राजनीति में मत आने दीजिएl

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