मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा रोजगार वाले बयान के मद्देनजर बिहार में दो जगह CJM कोर्ट में उनपर केस दर्ज कराया गया है. कमलनाथ ने कहा था कि यूपी-बिहार के लोगों की वजह से मध्यप्रदेश में स्थानीय लोगों को रोजगार नहीं मिल पाता है. हाँलाकि बुधवार को उन्होंने सफाई दी कि सभी राज्यों में यही नीतियां हैं कि स्थानीय लोगों को रोजगार में वरीयता मिलना चाहिए. मैंने कौन सी गलत बात की है?
मुजफ्फरपुर के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट में कमलनाथ के बयान को देश की एकता के खिलाफ बताते हुए तमन्ना हाशमी ने शिकायत दर्ज कराई है. हाशमी इसके पूर्व भी कई नेताओं के बयान को लेकर शिकायत दर्ज करा चुकी हैं. हालांकि कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए कोई तारीख निर्धारित नहीं की है. पश्चिमी चंपारण जिले के वकील मुराद अली ने भी स्थानीय CJM कोर्ट में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई है, जहां 3 फरवरी को सुनवाई होगी.
कमलनाथ के बयान की भाजपा, जदयू, सपा, बसपा और राजद तीखी आलोचना कर रहे हैं. यह मुद्दा संसद में भी उठा, राज्यसभा में भाजपा नेता भूपेंद्र यादव ने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठने वाले व्यक्ति द्वारा इस तरह का बयान दिया जाना राज्यों के लोगों में नफरत बढ़ाएगा.
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बयान पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि मध्यप्रदेश देश का हृदय कहा जाता है. यहां कोई बाहरी नहीं है, सभी का स्वागत होना चाहिए.



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