भारत में अब हर लेवल पर बदलाव दिखेगा : मोदी

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विदेशों में रह रहे भारतीय मूल के लोगों (PIO) की पहली पार्लियामेंट कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आपकी पुरानी पीढ़ियां देश के अलग-अलग हिस्सों से जुड़े हुए हैं। कुछ लोग मर्जी से गए तो कुछ को जबरन ले जाया गया था। वो यहां से भले ही चले गए हों, लेकिन अपने मन और आत्मा का अंश इसी मिट्टी पर छोड़कर गए थे।
प्रवासी सांसद सम्मेलन में सभी को प्रवासी भारतीय सांसद दिवस की शुभकामनाएं देते हुए मोदी ने कहा कि “सवा सौ करोड़ भारतीयों की तरफ से आपका स्वागत, वेलकम होम।” सम्मेलन में 23 देशों के 124 सांसद और 17 मेयर हिस्सा ले रहे हैं।
आप जब भारत के किसी एयरपोर्ट पर उतरते हैं तो इसी मिट्टी का जुड़ाव सामने आता है। आंखों से भावनाएं सामने आती हैं। आप रोकना चाहते हैं लेकिन ऐसा कर नहीं पाते। आपकी इस भावना को मैं भलीभांति समझता हूं। मैं उस भाव जगत को आदरपूर्वक नमन करता हूं।”
मोदी ने कहा कि आपके पूर्वजों को अपनी जन्मभूमि पर गर्व रहा है। आप लोगों ने विदेश में रहकर भी देश की सुगंध फैलाई। भारतीय मूल के कई लोग दूसरे देशों में हेड रहे हैं। गुयाना के भरत जगदेव यहां स्वयं मौजूद हैं। यहाँ लोग कहते हैं कि कोई अपना उस पद पर पहुंच गया है। देश का गौरव बढ़ाने के लिए आप अभिनंदन के पात्र हैं। आपने अनुभव किया होगा कि पिछले तीन या चार साल में दुनिया का भारत के प्रति नजरिया बदला है।
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मोदी ने कहा कि भारत ट्रांसफॉर्म हो रहा है। यह सामाजिक और आर्थिक स्तर के साथ ही वैचारिक स्तर पर भी बदल रहा है। भारत अब पुरानी सोच से बहुत आगे बढ़ चुका है। लोगों की आशाएं उच्चतम स्तर पर हैं। ये बदलाव आपको हर स्तर पर नजर आएगा। पिछले साल 16 बिलियन डॉलर का FDI भारत आया। ईज ऑफ डूइंग में 42 स्थानों का सुधार हुआ। ग्लोबल इंडेक्स में 21 रैंकिंग का सुधार हुआ। आज वर्ल्ड बैंक, आईएमएफ और मूडीज जैसी संस्थाएं भारत की तरफ आशा भरी नजरों से देख रही हैं।
भारत ने माइनिंग, इलेक्ट्रॅानिक और कंप्यूटर साइंस में दुनिया को रास्ता दिखाया। इन सेक्टर्स में आधे से ज्यादा निवेश पिछले तीन साल में हुआ। यह इसलिए हुआ क्योंकि हम आर्थिक नीति में रिफॉर्म टू ट्रांसफॉर्म में काम कर रहे हैं। करप्शन कम कर रहे हैं। GST के जरिए सैकड़ों टैक्स का जाल खत्म किया है। आर्थिक एकीकरण किया है। ऐसा कोई सेक्टर नहीं है जिसमें रिफॉर्म नहीं हुआ हो। हम नौजवान देश हैं। स्किल इंडिया, स्टार्टअप, स्टैंडअप और मुद्रा के तहत हम यही काम कर रहे हैं। 10 करोड़ लोन दिए गए हैं। चार लाख करोड़ का कर्ज बिना बैंक गारंटी के दिया गया है। इससे तीन करोड़ नए आंत्रप्रेन्योर सामने आए।
हम ट्रांसपोर्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ा रहे हैं। हाईवे, रेलवे और आईवे और पोर्ट इस तरह से तैयार किए जा रहे हैं ताकि वो एक दूसरे के काम आ सकें। रेलवे और हाईवे में दोगुनी रफ्तार से काम हो रहे हैं। रिन्युबल एनर्जी को ग्रिड पावर से जोड़ा गया है। कार्गो हैंडलिंग में 11 फीसदी की वृद्धि हो रही है। नए काम मिल रहे हैं। उज्जवला योजना सिर्फ गरीब महिलाओं को गैस देने तक ही सीमित नहीं है। 3 करोड़ महिलाओं को धुएं से मुक्ति मिली है। सामाजिक सुधार के साथ रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं। वसुधैव कुटुम्बकम की सोच ने विश्व को बहुत कुछ दिया है। मैंने दुनिया के सामने इंटरनेशनल योगा डे का विचार रखा था। 75 दिन में ये सर्वसम्मति से पारित हुआ। 177 देशों ने इसे स्वीकार किया, जो एक रिकॉर्ड है।

मोदी ने कहा कि क्लाइटमेट चेंज के विषय पर मैंने फ्रांस के राष्ट्रपति से मिलकर इंटरनेशनल अलायंस की बात कही थी। अब इस पर ग्लोबल प्लेटफॉर्म बना रहे हैं। हम प्रकृति के साथ मिलकर चल रहे हैं। UN पीस कीपिंग फोर्स में भी हम पहली पंक्ति में खड़े हैं। त्याग और सेवा भावना हम भारतीयों की पहचान है, इसीलिए दुनिया में हमारी स्वीकार्यता है। आप लोग देश के परमानेंट एम्बेसडर हैं। पहले पीआओ और ओसीआई स्कीम अलग होती थीं। हमने इसे सरल किया और दोनों को मिलाकर एक स्कीम बनाई।
मोदी ने कहा कि “भारत को जानिए” क्विज में 5 हजार से ज्यादा प्रवासी भारतीय युवाओं ने हिस्सा लिया। हम इस साल इसे ज्यादा बड़े लेवल पर करेंगे। इससे आपकी प्रतिष्ठा बढ़ती है, भारत का नाम भी ऊंचा होता है। हम आपको अपना पार्टनर मानते हैं। टूरिज्म बढ़ाने में भी आपका बहुत बड़ा योगदान हो सकता है। कुंभ मेले को UN की लिस्ट में जगह मिली है। UP सरकार इसके लिए तैयारियां कर रही है। अगली बार जब आएं तो प्रयाग जरूर जाएं। अन्य लोगों को भी इस बारे में बताएं।
मोदी ने कहा कि कट्टरता का मुकाबला करने के लिए गांधी जी की विचारधारा भारतीय विचारधारा है। “हम गिव एंड टेक पर भरोसा नहीं करते। हम किसी की जमीन पर नजर नहीं रखते। बाइलेट्रल और मल्टीलेट्रल हम सभी मंचों पर सभी को साथ लेकर चल रहे हैं। आसियान को हमने मजबूत किया है, गणतंत्र दिवस पर पूरी दुनिया इसे देखेगी।”
9 जनवरी को प्रवासी भारतीय दिवस मनाया जाता है, जिसका मकसद विदेशों में रह रहे भारतीय मूल के लोगों के अपने देश के लिए किए गए काम को अहमियत देना है। इस वर्ष पहली बार PIO-पार्लियामेंट्री कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया है। पिछले वर्ष मोदी ने कहा था कि देश के विकास की यात्रा में प्रवासी भारतीय हमारे अहम साझेदार हैं। मैं ये पूरे विश्वास के साथ कहता हूं कि 21st सेन्चुरी भारत की होगी। उन्होंने कालेधन और करप्शन के खिलाफ लड़ाई में सबके सपोर्ट के लिए धन्यवाद देते हुए खा था कि दुर्भाग्य से कालेधन के कुछ राजनीतिक पुजारी हैं जो हमारे प्रयासों को जनता विरोधी दर्शाते हैं। मेरे लिए FDI का मतलब सिर्फ फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट नहीं है, बल्कि फर्स्ट डेवलप इंडिया भी है।

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