‘भारत माता की जय’ से गूंजा दुबई, हुए 5 समझौते

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने UAE यात्रा के दौरान अबू धाबी में प्रथम हिंदू मंदिर की आधारशीला रखी। PM ने कहा कि हमारा नाता सिर्फ कारोबार का नहीं, सहयोग का भी है। अबु धाबी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने पीएम नरेंद्र मोदी को अपना मित्र बताया।
PM ने दुबई के ओपेरा हाउस में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मंदिर का शिलान्यास किया गया। अबू धाबी में एक भी मंदिर नहीं है। मोदी द्वारा मंदिर का उद्घाटन कराए जाना भारत और दुबई के मजूबत रिश्ते को दर्शाता है।
मंदिर की आधारशीला रखने के बाद पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि खाड़ी देशों के विकास के लिए भारतीयों ने अहम योगदान दिया है। वह उनके सपनों को पूरा करने के लिए मिलकर काम करेंगे। साथ ही मंदिर के निर्माण के लिए 125 करोड़ भारतीयों की तरफ से क्राउन प्रिंस का शुक्रिया अदा किया।
मोदी के भाषण के दौरान ‘भारत माता’ की जय से पूरा ओपेरा हाउस गूंज उठा और कई बार मोदी-मोदी के नारे भी लगे। अपने भाषण में PM मोदी ने नोटबंदी, जीएसटी जैसे तमाम मुद्दों का जिक्र किया और कहा कि दुनिया का नजरिया भारत के प्रति बदल रहा है।
मोदी ने कहा कि खाड़ी देशों की विकास यात्रा में 30 लाख से ज्यादा भारतीय भी शामिल हैं। हमारा नाता सिर्फ कारोबार का नहीं, सहयोग का भी है। अबू धाबी में सेतु के रूप में मंदिर का निर्माण हो रहा है। यह मानव साझेदारी का बेहतरीन उदाहरण है। दुबई में लघु भारत बसता है, अबू धाबी का यह मंदिर बेहद भव्य होगा। इसके लिए मैं UAE के क्राउन प्रिंस का दिल से आभार व्यक्त करता हूं।
मोदी ने कहा कि पिछले चार साल में देश का आत्मविश्वास बढ़ा है। निराशा, आशंका और दुविया के दौरे से भी गुजरे। अब भारत विकास की नई ऊचाइंयों को छू रहा है। आज देश नहीं पूछ रहा कि होगा या नहीं होगा?। आज पूछते हैं कि मोदी जी बताओ कब होगा? पहले निराशा के दिन भी हमने देखे हैं। आज विश्वास है कि होगा तो अभी होगा। भारत की विश्व रैंकिंग में जबरदस्त उछाल आई है। 2014 में ईज ऑफ डुइंग बिजनस में हम 142वें नंबर पर थे। इस सूची में पीछे से ढूंढने पर हमारा नाम आसानी से मिल जाता था। लेकिन इतने कम समय में हम 42 अंक आगे जाकर 100वें नंबर पर पहुंच गए हैं, हम यहां भी नहीं रुकेंगे, हमें अभी और आगे जाना है। इसके लिए जो भी जरूरी होगा, वह करेंगे।
PM ने कहा कि आज दुनिया कह रही है कि 21वीं सदी भारत की सदी है। नोटबंदी को गरीबों ने सही कदम माना है। हालांकि दूसरी ओर दो सालों से कुछ लोगों की नींद उड़ी हुई है। 60 साल से अटका हुआ GST पास हुआ। बदलाव आने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। लोगों को अच्छे लगने वाले नहीं, फायदे वाले कदम की जरूरत है।मैं आपको आश्वासन देता हूं कि यहां और भारत में रहने वाले लोगों के सपनों को हम मिलकर पूरा करेंगे।


अबु धाबी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने पीएम नरेंद्र मोदी को अपना मित्र बताया हुए कहा कि अबु धाबी उनका दूसरा घर है। साथ ही यूएई के निर्माण में हर भारतीय के सहयोग की सराहना करते हुए यह भी कहा कि भारतीय समुदाय पर विश्‍वास जताया जा सकता है। क्राउन प्रिंस ने कहा कि UAE के निर्माण में भारतीयों का जो सहयोग है, उसका अबु धाबी का हर नागरिक सराहना करता है। नाहयान ने भारत की ‘कड़ी मेहनत’ और ‘विश्वसनीयता’ पर जोर देते हुए कहा कि भारतीयों ने अपनी कड़ी मेहनता और विश्वसनीयता से इस देश का निर्माण किया है। क्राउन प्रिंस ने ‘विश्‍वास’ शब्‍द पर जोर देते हुए भारतीयों के लिए कहा कि भारतीय समुदाय पर विश्‍वास किया जा सकता है। मीडिया को विदेश सचिव विजय गोखले ने यह बात बताई है।
तीन देशों की यात्रा के दूसरे चरण में अबु धाबी पहुंचने पर PM मोदी की आगवानी में एयरपोर्ट पर क्राउन प्रिंस के साथ शाही परिवार के अन्‍य सदस्‍य भी मौजूद थे। दोनों नेताओं ने एयरपोर्ट पर एक दूसरे को गले लगाया। पीएम मोदी ने भव्‍य स्‍वागत के लिए अबु धाबी के क्राउन प्रिंस का शुक्रिया अदा किया और कहा कि उनकी यात्रा का भारत-यूएई संबंध पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
मोदी के संबोधन से पहले ओपेरा हाउस में भारतीय छात्रा सुचेता ने गुजराती, असमिया, मलयालम समेत अन्य भारतीय भाषाओं में गीत गाकर दर्शकों को आकर्षित किया। सुचेता 107 भाषाओं में गीत गाने में सक्षम हैं। इसके लिए उनका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज हो चुका है। मंदिर की आधारशिला रखने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वहात-अल-करामा मेमोरियल पहुंचे, जहां उन्होंने शहीद संयुक्त अरब अमीरात जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
यह विशाल मंदिर अबू धाबी में ‘अल वाकबा’ नाम की जगह पर 55000 वर्ग मीटर भूमि पर बनेगा। हाइवे से सटा अल वाकबा अबू धाबी से तकरीबन 30 मिनट की दूरी पर है। इस मंदिर का निर्माण भारतीय शिल्पकार कर रहे हैं, निर्माण कार्य 2020 में पूरा हो जाएगा। मंदिर के निर्माण की देखभाल करने वाले बोचासनवासी अक्षर पुरषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (BAPS) राजस्थान से एक विशेष गुलाबी रंग के पत्थर की नींव रखने के दौरान इस्तेमाल करेंगे। BAPS के प्रवक्ता के अनुसार यह पश्चिम एशिया में पत्थरों से बना प्रथम हिंदू मंदिर होगा। इस मंदिर को सभी धार्मिक पृष्ठभूमि के लोगों के लिए खोला जाएगा। संत ईश्वर चंद स्वामी के नेतृत्व में 12 संतों ने मंदिर की आधारशिला का अनुष्ठान कराया।
यहाँ मंदिर को बनाने की मुहिम बीआर शेट्टी ने छेड़ी थी, जो जो अबू धाबी के जाने-माने भारतीय कारोबारी और ‘यूएई एक्सचेंज’ नाम की कंपनी के एमडी और सीइओ हैं। दुबई के इस प्रथम मंदिर में भगवान कृष्ण, शिव और अयप्पा (विष्णु का एक अवतार) की मूर्तियां होंगी। दुबई में दो मंदिर और एक गुरुद्वारा जरूर है, लेकिन अबू धाबी में कोई भी मंदिर नहीं है।
दोनों देशों के बीच ऊर्जा, रेलवे, श्रमशक्ति और वित्तीय सेवाओं जैसे क्षेत्रों में पांच समझौते भी हुए। भारतीय दूतावास की ओर जारी से एक बयान में कहा गया कि इंडियन कंसोर्टियम (ओवीएल, बीपीआरएल और आईओसीएल) और अबूधाबी नेशलन ऑयल कंपनी (एडीएनओसी) के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इसमें कहा गया कि यह यूएई के अपस्ट्रीम ऑयल सेक्टर में पहला भारतीय निवेश है। इसके अलावा श्रमशक्ति, रेलवे और आर्थिक क्षेत्र में दोनों देशों के बीच समझौते किए गए।

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