भारत-चीन की सोच, संपर्क, सहयोग, संकल्प और सपने विश्व के उज्जवल भविष्य बनेंगे : मोदी

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भारत-चीन मिलकर दुनिया को कई समस्याओं से निजात दिला सकते हैं और मुझे उम्मीद है कि आने वाले वक्त में ऐसी अनौपचारिक वार्ताएं परंपरा का हिस्सा बन जाएंगी. साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अगर 2019 में ऐसी ही कोई समिट भारत में हो तो मुझे काफी खुशी होगी.
PM मोदी ने वुहान में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अनौपचारिक मुलाकात की बातचीत में कहा कि ये भारतियों के लिए गर्व की बात है और मैं भारत का पहला ऐसा प्रधानमंत्री हूं जिसकी अगवानी के लिए आप (शी जिनपिंग) दो-दो बार राजधानी से बाहर आए हैं. PM ने कहा कि यह भारत के प्रति आपका प्यार और सम्मान दर्शाता है, साथ ही कहा कि न्यू इंडिया और न्यू एरा की कोशिश दुनिया के हित में है क्योंकि दुनिया की 40 प्रतिशत आबादी इन्हीं दो देशों में रहती है. PM ने कहा कि ‘चीन और भारत की संस्कृति नदी किनारों पर आधारित रही है. अगर हम मोहनजोदड़ो और हड़प्पा संस्कृति की बात करें, तो सारा विकास नदियों के किनारे ही हुआ है.’
इसके बाद दोनों नेताओं के बीच हुई मीटिंग में दोनों देशों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए. प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद PM मोदी ने कहा कि दोनों देश साथ मिलकर चलने को तैयार हैं और भारत- चीन विश्व शांति के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं. शी जिनपिंग से मीटिंग के दौरान PM मोदी ने अपने पुराने दिन भी याद करते हुए कहा कि जब मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था, तब मुझे वुहान आने का गौरव प्राप्त हुआ था. मैंने यहां के बांध के बारे में बहुत सुना था. जिस स्पीड से आपने (शी जिनपिंग) बांध का निर्माण कराया, उसने मुझे प्रेरित किया. मैं एक स्टडी टूर पर आया और बांध पर एक दिन बिताया था.’
दोनों नेताओं की पहली अनौपचारिक शिखर वार्ता के दौरान PM मोदी ने कहा कि दोनों देशों की सोच साझा है. मोदी ने अपने न्यू इंडिया के प्रयासों की तुलना जिनपिंग के न्यू इरा के सपने से करते हुए कहा कि ‘पिछली बार जुलाई में हमारे बीच अनौपचारिक बातचीत का विषय डेवलप हुआ और आज आपने इस अनौपचारिक शिखर वार्ता के लिए निमंत्रण दिया और एक शानदार तथा बहुत ही सकारात्मक वातावरण बनाया. इसमें आपका व्यक्तिगत तौर पर बहुत बड़ा योगदान है. मैं हृदय से इसकी बहुत ही प्रशंसा करता हूं.’
वुहान में पहली मुलाकात से पहले खुद जिनपिंग इस तरह इंतजार करते दिखे, जैसे कोई बेहद खास दोस्त बड़े दिनों बाद मिलने आया हो. मोदी-शी की मौजूदगी में दोनों देशों के सांस्कृतिक तारों को जोड़ने की भी रस्म अदायगी हुई. लेकिन न्यू वर्ल्ड ऑर्डर में सबसे अहम आर्थिक संबंध ही होते हैं. सांस्कृतिक संबंधों के बहाने मोदी ने आर्थिक संबंधों को नए सिरे से गूंथने की कोशिश करते हुए कहा कि विश्व इस बात का गवाह है कि पिछले 2000 साल के इतिहास में 1600 साल में चीन और भारत की अर्थव्यवस्था ने पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था को गति और ताकत दी है. करीब-करीब 50 प्रतिशत हिस्सा हम दोनों का था और बाकी 50 प्रतिशत में सारी दुनिया थी. ये बहुत बड़ी बात है.


मोदी ने आगे कहा कि मैं 5 बहुत सकारात्मक तत्व देखता हूं. हमारे बीच की सोच, संपर्क, सहयोग, समान संकल्प और समान सपने विश्व की ताकत बन सकते हैं. हमारे बीच जो ये निकटता बनी है, एक दूसरे के प्रति विश्वास पैदा हुआ है, समझ बनी है. वो सिर्फ हम दो देशों की नहीं, दुनिया के उज्जवल भविष्य के लिए शक्ति बनेगी.
PM मोदी का यह दौरा दोनों देशों के बीच रिश्तों में तनाव और मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात के मद्देनजर काफी अहम माना जा रहा है. इस मुलाकात को ‘दिल से दिल को जोड़ने वाली पहल’ करार दिया जा रहा है जिसका उद्देश्य दोनों देशों के कुछ अति विवादास्पद मुद्दों पर सहमति की राह खोजना है. मोदी और शी जिनपिंग ने भोजन के बाद अकेले में बैठक करेंगे. इसके बाद दोनों नेता वार्ता करेंगे जिसमें दोनों ओर से 6-6 आला अधिकारी भाग लेंगे. दोनों नेता चर्चित ईस्ट लेक के किनारे रात्रि भोज करेंगे जो कि चीन के क्रांतिकारी नेता माओत्से तुंग का पसंदीदा अवकाश गंतव्य रहा है.
पीएम मोदी के इस दौरे पर कोई समझौता नहीं होगा. अधिकारियों ने कहा कि यह शिखर सम्मेलन मुद्दों को सुलझाने पर सहमति बनाने का प्रयास है जो कि किसी समझौते की घोषणा के बजाय बाद की कार्रवाई पर होगा. दोनों नेताओं के बीच इस तरह का संवाद पहली बार हो रहा है. 2014 में सत्ता में आने के बाद मोदी की यह चौथी चीन यात्रा है. 9 और 10 जून को क्विंगदाओ शहर में होने जा रहे SCO शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने PM मोदी पुनः चीन जा सकते हैं.
चीनी सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने उम्मीद जतायी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच दो दिवसीय अनौपचारिक शिखर सम्मेलन दोनों देशों के मतभेदों को सुलझा सकता है, सेनाओं के बीच संबंधों को स्थिर बना सकता है और सीमाओं पर शांति बनाए रखने में मदद कर सकता है.

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