भारतीय सेना की लड़ाकू क्षमता बढ़ाने के लिए सरकार उठाने जा रही है ये बड़ी कदम

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रक्षा मंत्रालय ने एक बड़ा कदम उठाते हुए सेना में कई सुधार लागू करने का कदम उठाने का निर्णय किया है जिसमें अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों के करीब 57 हजार पदों को पुनर्गठित करना शामिल है. रक्षा मंत्री अरूण जेटली ने कहा कि शेतकर समिति की 99 में से 65 अनुशंसाओं को सरकार ने स्वीकार कर लिया है.समिति का गठन सशस्त्र बलों की लड़ाकू क्षमता में बढ़ोतरी की अनुशंसा करने के लिए किया गया था.
सुधार प्रक्रिया में सेना के विभिन्न आधार शिविरों की मरम्मत के अलावा राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) में ढांचागत सुधार शामिल है. जानकारों की मानें तो नई तैनाती के बाद ये जवान और अफसर सीधे मुकाबले वाले काम यानि लड़ाकू मोर्चे पर आ जाएंगे.ये फैसला एक जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद लिया गया है. सेना में ये एक बड़ा रिफॉर्म माना जा रहा है. मंगलवार को रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने जांच कमेटी की रिपोर्ट पर मुहर लगा दी है. लेफ्टिनेंट जनरल डीबी शेखटकर की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई थी.
सरकार ने इस कमेटी की कई सिफारिशों को मान लिया है. सूत्रों की मानें तो रक्षा मंत्रालय ने कमेटी की 65 सिफारिशों को मान लिया है. ऐसा माना जा रहा है पुन: तैनाती की ये कार्रवाई 2019 तक पूरी कर ली जाएगी.कमेटी ने अपनी रिपोर्ट देते हुए कहा था कि क्या आज मिलिट्री फॉर्म हाउस, सैन्य पोस्टल सर्विस या अलग-अलग सिग्नल सर्विस और आर्मी बेस वर्कशॉप की जरूरत है? सेना की इस कवायद से उस जगह के लिए जवान और अफसर मिलेंगे जहां इनकी जरूरत है.

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