भारतीय कार्रवाई के बाद पाक की अकड़ ढ़ीली, अमेरिका से लगाई दखल की गुहार

 85 


सीमा पर आतंकियों के खिलाफ भारतीय सेना की कार्रवाई से पाकिस्तान में मचे हड़कंप के बीच पाकिस्तानी रक्षा मंत्री खुर्रम दस्तगीर खान ने नियंत्रण रेखा और अस्थायी सीमा पर भारत के आक्रामक रूख को अमेरिका द्वारा महत्व नहीं दिए जाने पर दुख जताया है. साथ ही दिसंबर 2013 के बाद पहली बार DGMO स्तर की सीधी वार्ता के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है.
हाँलाकि पाकिस्तान ने सोमवार को अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए भारत के उप उच्चायुक्त को तलब किया था और नेशनल असेंबली में भारत के रुख पर अमेरिका से दखल की गुहार लगाई थी. पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने असेंबली में कहा कि अमेरिका पाकिस्तान को आश्वस्त करने की कोशिश कर रहा है कि भारत उसके लिए खतरा नहीं है और इस्लामाबाद को नई दिल्ली के प्रति अपने रणनीतिक रूख में बदलाव लाना चाहिए. लेकिन हकीकत हकीकत है, भारत की क्षमता और मंशा दोनों पाकिस्तान के प्रति शत्रुतापूर्ण हैं.
हमें अमेरिका के साथ सौहार्दपूर्ण लेकिन पूरी तरह बिना छलावे की बातचीत की जरूरत है, जिसमें हर चीज सामने हो. जिसका उद्देश्य इस्लामाबाद और वॉशिंगटन के बीच गलतफहमियों को दूर करना होगा. साथ ही दुख जताया कि नियंत्रण रेखा और अस्थायी सीमा पर भारत के आक्रामक रूख को अमेरिका तवज्जो नहीं दे रहा है. पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान और अमेरिका के बीच मूल अंतर भारत के बारे में विचार को लेकर है.
पाक रक्षा मंत्री ने मंत्री ने कहा कि अमेरिका अफगानिस्तान में आतंकवाद के खिलाफ युद्ध नहीं जीत पा रहा है, इसलिए पाकिस्तान को कुर्बानी का बकरा बनाया जा रहा है. उन्होंने आग्रह किया कि पाकिस्तान और इसके लोगों के बलिदान को अमेरिका याद करे, जिन्होंने 2001 के बाद से आतंकवाद के खिलाफ युद्ध में योगदान किया है.
उधर पाकिस्तान भारत के साथ नियंत्रण रेखा पर तनाव को कम करने और विश्वास बहाली के ताजा उपायों के लिए DGMO स्तर की वार्ता के एक प्रस्ताव पर विचार कर रहा है. हाँलाकि दोनों देशों के DGMO के बीच हॉटलाइन पर अक्सर बातचीत होती रहती है, लेकिन चार साल से दोनों में आमने-सामने मुलाकात नहीं हुई है. इसके पूर्व 14 साल बाद 24 दिसंबर 2013 को दोनों DGMO के बीच वाघा बॉर्डर पर बातचीत हुई थी.

हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए Pileekhabar के Facebook पेज को लाइक करें


loading...


Loading...