बुलेट ट्रेन जापानी, लेकिन चलाएंगे हिंदुस्तानी, मेंटनेंस में भी नहीं होगा जापान का दखल

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देश में बन रहे बुलेट ट्रेन प्रॉजेक्ट के लिए ट्रेनें भले जापान से आयात होंगी, लेकिन उन्हें पहले दिन से ही भारतीय चलाएंगे. उनके मेंटेनेंस का जिम्मा भी भारतीयों के पास ही होगा. इसी मकसद से नैशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरशन अपने 3500 कर्मचारियों की प्रशिक्षित फौज तैयार कर रहा है.
अधिकारी के अनुसार 3500 कर्मियों को ट्रेनिंग देने से पहले 300 अफसरों को जापान में ट्रेनिंग दी जाएगी और ट्रेनिंग का यह सिलसिला शुरू भी हो गया है. वडोदरा में बुलेट ट्रेन के लिए ट्रेनिंग देने के मकसद से 600 करोड़ रुपये की लागत से ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट भी तैयार किया जा रहा है. इंस्टिट्यूट का पहला हिस्सा 2019 में तैयार होगा और उसी साल मार्च से ट्रेनिंग भी शुरू हो जाएगी. 2020 तक यह इंस्टिट्यूट पूरी तरह तैयार हो जाएगा.
नैशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन के प्रवक्ता धनंजय कुमार के अनुसार कॉर्पोरेशन चाहती है कि जब बुलेट ट्रेन भारत पहुंचे, उससे पहले न सिर्फ ट्रेन कप्तान बल्कि क्रू मेंबर, मेंटेनेंस स्टाफ और टिकट कलेक्शन सिस्टम समेत हर सिस्टम को नियंत्रित करने के लिए रेलकर्मी तैयार हो चुका हो. इसी वजह से ट्रेनिंग के लिए बुलेट ट्रेन के ट्रैक का एक हिस्सा भी आयात किया जा रहा है, जिसके आधार पर पूरा सिस्टम समझ जा सके.

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