क्रिसिल की रिपोर्ट के अनुसार बिहार 2013-18 के बीच गुजरात और हरियाणा के साथ कन्स्ट्रक्शन, विनिर्माण, व्यापार, परिवहन व संचार आदि क्षेत्रों में सर्वाधिक रोजगार पैदा करने वाला राज्य रहा है. उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर महंगाई की राष्ट्रीय दर 3.6 की तुलना में बिहार में मात्र 2.7% रही.
बिहार विधान सभा में बिहार विनियोग (लेखानुदान) विधेयक, 2019 में 77 हजार 338 करोड़ की मांग पर हुए वाद-विवाद का जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री सुशील कुमार मोदी ने उपरोक्त बात कही. उन्होंने कहा कि बिहार में पहले सामाजिक सुरक्षा के दायरे में जहां वृृद्धावस्था, विधवा व दिव्यांग पेंशन के तहत कुल 64.5 लाख लाभार्थी थे वहीं अब मुख्यमंत्री वृृद्धजन नई पेंशन योजना के 36 लाख 50 हजार लाभार्थियों के उसमें जुड़ जाने से इनकी संख्या बढ़ कर 1 करोड़ से अधिक हो गयी है जिन पर कुल 4826.47 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इसमें अकेले वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थियों की संख्या अब 80 लाख से ज्यादा हो गयी है.
प्रधानमंत्री पैकेज के तहत सड़क व पुलों के आधारभूत ढांचे के विकास के लिए 50,711 करोड़ की कुल 74 योजनाएं कार्यान्वित हैं, जिनमें से पांच का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा चालीस का जारी है. 19 स्वीकृति की अंतिम प्रक्रिया में हैं. पैकेज के अन्तर्गत ही रामायण, बौद्ध, कांवरिया, गांधी परिपथ तथा पटना साहिब व मंदार एवं अंग प्रदेश विकास की 500 करोड़ की योजनाएं स्वीकृत की गयी है जिन पर अब तक 105.20 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं. पैकेज के तहत ही गंगा नदी पर 7 तथा कोसी पर दो नए पुलों के निर्माण की परियोजनाएं भी स्वीकृत हैं. बहुप्रतीक्षित 31.39 Km की पटना मेट्रो पर 1365.77 करेड़ रुपये की लागत आयेगी.
उन्होंने कहा कि 24 जिला के 280 प्रखंडों के 13.73 लाख सूखाग्रस्त किसानों के लिए आवंटित 1430 करोड़ में 901 करोड़ उनके खाते में ट्रांसफर किये जा चुके हैं. डीजल अनुदान प्रति लीटर 35 रुपये से बढ़ा कर 50 रुपये करने के बाद 15.66 लाख किसानों को मात्र 25 दिन में 195 करोड़ दिया जा चुका है. जैविक सब्जी की खेती हेतु 6 हजार रुपये प्रति किसान बढ़ा कर 8 हजार किया जा रहा है.

सुशील मोदी ने पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद कुछ नेताओं द्वारा की जा रही राजनैतिक बयानबाज़ी पर तीखा हमला बोलते हुए आज ट्वीट किया कि- “पाकिस्तान की सरजमीं से संचालित कट्टरपंथी इस्लामी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के अात्मघाती हमले में 44 जवानों की शहादत के बाद जहां देश में गहरा रोष और शोक है. भाजपा और राजग सरकार ने अपने कई कार्यक्रम रद कर दिये, वहीं विरोधी दल के कुछ नेता इस विषम परिस्थिति में भी ओछी बयानबाजी कर रहे हैं. जिस वक्त राजनीति से ऊपर उठकर आतंकियों और उनके सरपरस्तों की निंदा करने में एकजुटता दिखानी चाहिए थी, कुछ लोग 56 इंच के सीने की बात कर अपने घटियापन का इजहार कर रहे हैं. यही लोग सेना के सर्जिकल स्ट्राइक पर सबूत मांगने में भी आगे थे.
एक अन्य ट्वीट में कहा कि- “पुलवामा में भीषण आतंकी हमले के बाद ट्विटर पर जो दो मुखर लोग चुप हैं, उनके नाम हैं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और राजद प्रमुख लालू प्रसाद. क्योंकि वे दोनों न जैश-ए-मोहम्मद की निंदा कर सकते हैं और न ही आतंकवाद के शिकार सुरक्षा बल और भारत सरकार के साथ खड़े होने का हौसला रखते हैं. संकट के समय ही पता चलता है कि असली दोस्त कौन है?


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