बाढ़ से बिहार में 87 की मौत, 65.37 लाख आबादी प्रभावित, रेल पुल बहा, ट्रैक पर दस फीट पानी

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नेपाल और बिहार में लगातार हुई भारी बारिश के कारण अचानक आयी बाढ़ से राज्य में 87 लोगों की मौत हो गयी और 12 जिलों में 65.37 लाख आबादी प्रभावित हुए हैं. कटिहार-एनजेपी रेल खंड का तेलता ब्रिज संख्या 133 महानंदा के बाढ़ से बह गया. कई महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों पर पांच से दस फीट तक पानी आ गया है. 12 स्थानों पर तेज बहाव के साथ रेलवे ट्रैक के उपर से पानी बह रहा है.
आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत के अनुसार बाढ़ प्रभावित प्रदेश के 12 जिलों किशनगंज, अररिया, पूर्णिया, कटिहार, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढी, शिवहर, सुपौल एवं मधेपुरा में से सबसे अधिक 30 लोगों की मौत अररिया में हुई है. पश्चिमी चंपारण में 17 लोग बाढ़ की भेंट चढ़ गये हैं. बाढ़ के कारण 12 जिलों के 84 प्रखंड के 889 पंचायत की 65.37 लाख आबादी प्रभावित हुई है जिनमें से 1,82,480 को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया और 254 राहत शिविरों में 48120 लोग शरण लिए हुए हैं. बाढ़ प्रभावित इलाकों में युद्ध स्तर पर राहत बचाव के लिए NDRF की 22 टीम जिसमें 949 जवान एवं 100 नौका तथा SDRF के 42 जवान और 82 नौका, सेना के 630 जवान एवं उनकी 70 नौकायें लगी हुयी हैं.
इस बीच पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार के अनुसार कटिहार-एनजेपी रेल खंड का तेलता ब्रिज संख्या 133 महानंदा के बाढ़ से बह गया. पुल के नीचे का सतह पूरी तरह से कट कर बह गया. इससे ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह से बाधित हो गया है. पूर्व मध्य से पूर्वोतर के एनजेपी व असम जाने वाली सभी ट्रेनें रद्द कर दी गयी हैं. रेल प्रशासन ने कटिहार मंडल से होकर गुजरने वाली सभी ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट, राजधानी सहित कई महत्वपूर्ण ट्रेन को कटिहार रेलवे स्टेशन से चलाया.
कटिहार रेल मंडल के कई महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों पर पांच से दस फीट तक पानी आ गया है. कटिहार रेलवे मंडल में कटिहार से अलीपुरद्वार तक 12 स्थानों पर तेज बहाव के साथ रेलवे ट्रैक के उपर से पानी प्रवाहित हो रही है. कई स्थानों पर रेलवे ट्रेक के नीचे की सतह को बाढ़ अपने चपेट में ले लिया है. कटिहार जिले से होकर गुजरने वाली NH-4 पर भी कई फीट तक पानी है. इससे सड़क मार्ग भी प्रभावित हो गया है. कटिहार-मालदा रेल खंड के लाभा समीप झौआ पुल भी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है. किशनगंज और हटवार स्टेशनों के बीच पुल संख्या 117 पर पानी खतरे के निशान से उपर बह रहा है. मंडल में 11 ट्रेनों को आंशिक रूप से समाप्त तथा 33 ट्रेनों को रद्द किया गया है. 15 ट्रेनों को परिवतर्ति मार्ग से चलाया जा रहा है.


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, देश के गृहमंत्री और रक्षामंत्री राज्य सरकार के सतत संपर्क में रहते हुए स्थिति की खबर ले रहे हैं. बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के साथ ही उनके बीच फुड पैकेट, पाॅलिथीन शीट आदि के वितरण का प्रयास हो रहा है. बाढ़ प्रभावित जिलों के सभी पदाधिकारियों, कर्मियों व डाॅक्टरों की छुट्टियां रद्द कर दी गयी है तथा राज्य सरकार की ओर से उन्हें युद्ध स्तर पर बचाव कार्य में लगने का निर्देश दिया गया है. आपदा प्रबंधन विभाग ने बाढ़ में फंसे लोगों के लिए टॉल फ्री नंबर 1070 जारी किया है. अररिया, पूर्णिया, कटिहार और किशनगंज में काफी वर्षों के बाद इस तरह की बाढ़ आई है जिससे कि शहरों तक में पानी भर गया है.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पड़ोसी देश नेपाल और बिहार के इलाकों में लगातार हुयी भारी बारिश को ‘फ्लैश फ्लड’ की संज्ञा दी है. बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित चार जिलों पूर्णिया, अररिया, कटिहार एवं किशनगंज का विस्तृत हवाई सर्वेक्षण करने के बाद नीतीश ने पटना हवाई अड्डे के स्टेट हैंगर में पत्रकारों से बातचीत करते हुये कहा कि इन इलाकों में राहत एवं बचाव के सारे काम किये जा रहे हैं.
नीतीश कुमार ने कहा, ‘फ्लैश फ्लड ‘ में सर्वाधिक नुकसान होता है कि अचानक तेज गति से और ज्यादा पानी का बहाव हुआ, वह सड़कों को भी तोड़ता है और पुलों को भी नुकसान पहुंचाता है. सबसे ज्यादा अररिया और किशनगंज का बड़ा हिस्सा, पूर्णिया का तीन ब्लॉक और अभी तक कटिहार का एक ब्लॉक प्रभावित हुआ है लेकिन सबसे ज्यादा प्रभावित अररिया के शहर में, फारबिसगंज में तथा किशनगंज में पानी घुसा है. इसके बारे में कोई सोच भी नहीं सकता है कि अररिया और किशनगंज में चारों तरफ पानी फैल सकता है. कभी लोगों का अनुभव इस प्रकार का नहीं रहा है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री से कल ही बात की थी. केंद्र सरकार से एनडीआरएफ की टीम का आग्रह किया था और मैं केंद्र सरकार को धन्यवाद देता हूं कि जिस भी सहायता का हमने आग्रह किया था, बहुत जल्द ही सहायता मिल गयी. एनडीआरएफ की टीम पहुंच गयी है. राहत एवं बचाव अभियान का काम युद्धस्तर पर हो रहा है.
हवाई सर्वेक्षण से लौटने के तुरंत बाद नीतीश कुमार ने 01 अणे मार्ग स्थित अपने आवास पर मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव, ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव के साथ बैठक की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिये.

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